नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी में अवैध औद्योगिक यूनिट्स के मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है. एनजीटी ने सौ दिन में यमुना का पानी साफ करने के दावे को लेकर दिल्ली सरकार से तीखे सवाल किए. एनजीटी ने कहा कि आपने (दिल्ली सरकार ने) एक दावा किया था कि आप यमुना नदी का पानी सौ दिन में साफ कर देंगे. आप ऐसा कैसे करोगे जब आपकी अथॉरिटीज रिलैक्स हैं.
एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आप यमुना के पानी में बहाए जा रहे एसिड पर कैसे रोक लगाएंगे जब अवैध औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं? अगर वे यूनिट्स चल रही हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है तो इसका मतलब है कि उनको अप्रूवल है. एनजीटी ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक वहां 10 से 15 यूनिट्स हैं. आप उनको लेकर क्या कर रहे हो? ट्रिब्यूनल ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर यूनिट्स बंद हैं, जब तक आप उसे तोड़कर अंदर नहीं जाते, आपको ये कैसे पता चलेगा कि अंदर कुछ हो रहा है?
एनजीटी ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि कई मामलों में हमने देखा है कि ऐसे आरोप सामने आते हैं जब यूनिट्स बंद हैं लेकिन अंदर गतिविधियां हो रही हैं. इस पर दिल्ली सरकार की ओर से यह कहा गया कि हमें नहीं लगता कि हम ताले तोड़ सकते हैं. एमसीडी को इसे देखना चाहिए. इस पर ट्रिब्यूनल ने कहा कि एक एजेंसी अन्य एजेंसी को ब्लेम करती है और इस तरह की गतिविधियां जारी हैं. गौरतलब है कि एनजीटी ने एक दिन पहले ही दिल्ली सरकार को ये निर्देश दिया था कि 31 मई तक 24 नालों की सफाई सुनिश्चित करें.