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टेरर फंडिंग: अलगाववादी नेताओं से आज भी जारी रहेगी NIA की पूछताछ

'आजतक' के स्टिंग 'ऑपरेशन हुर्रियत' के आधार पर NIA ने घाटी के अलगाववादी नेताओं से पूछताछ शुरू कर दी है. मंगलवार को भी इस मामले में NIA सभी से पूछताछ जारी रखेगी. इससे पहले सोमवार को NIA मुख्यालय पहुंचे नईम खान ने सफेद पठानी शूट और मजमुआ का इत्र लगा रखा था. अपने कपड़ों और चाल के दम पर NIA आफिस पहुंचे नईम खान अपना दमखम दिखाने की कोशिश करते नजर आ रहे थे.

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अलगाववादी नेता
अलगाववादी नेता

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'आजतक' के स्टिंग 'ऑपरेशन हुर्रियत' के आधार पर NIA ने घाटी के अलगाववादी नेताओं से पूछताछ शुरू कर दी है. मंगलवार को भी इस मामले में NIA सभी से पूछताछ जारी रखेगी. इससे पहले सोमवार को NIA मुख्यालय पहुंचे नईम खान ने सफेद पठानी शूट और मजमुआ का इत्र लगा रखा था. अपने कपड़ों और चाल के दम पर NIA आफिस पहुंचे नईम खान अपना दमखम दिखाने की कोशिश करते नजर आ रहे थे.

लेकिन, अब NIA के हेड ऑफिस में नईम खान के काले कारनामों का कच्चा-चिठ्ठा खुलेगा. नईम खान के साथ-साथ दूसरे अलागववादी नेता गाजी बाबा और बिट्टा कराटे भी NIA के शिकंजे में आ चुके हैं. इस दौरान जब आज तक के संवाददाता ने नईम खान से कुछ सवाल करने चाहे तो वे बार-बार माइक झटक कर आगे बढ़ते रहे.

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आपको बता दें कि आजतक के स्टिंग ऑपरेशन के दौरान अलागववादी नेताओं के कबूलनामे के आधार पर ही NIA में उनसे पूछताछ हो रही है. अलागववादी नेता फारूक अहमद डार उर्फ 'बिट्टा कराटे', जावेद अहमद बाबा उर्फ 'गाजी' और नईम खान को प्रॉपर्टी के दस्तावेजों के साथ-साथ बैंक अकाउंट और इनके विदेश आने-जाने के रिकॉर्ड की जानकारी के साथ बुलाया गया है.

NIA इनसे ये जानना चाहती है कि पाकिस्तान से कितना पैसा आया और किसको कितना हिस्सा दिया गया. इसके अलावा वह यह भी जानना चाहती है कि विदेशों में इनकी किस-किस से मुलाकात हुई. सूत्रों के मुताबिक NIA ने इन तीनों अलागववादी नेताओं को दिल्ली इसलिए बुलाया है क्योंकि ये लोग श्रीनगर में NIA के ऑफिस में NIA के सवालों का जवाब ठीक तरीके से नहीं दे रहे थे.

श्रीनगर में अलग-अलग तीनों अलागववादी नेताओं को बैठाकर तैयार किए गए सवालों को अब दिल्ली में NIA के हेड ऑफिस में आमने-सामने बिठाकर पूछा जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक NIA पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग में बेनामी प्रॉपर्टी की भी जानकरी ले रही है और इस बाबत तीनों अलागववादी नेताओं से प्रॉपर्टी के कागजात मंगाए गए हैं.

NIA क्रॉस बॉर्डर ट्रेड की जांच पहले से ही कर रही है जिसमें NIA को शक है कि इस ट्रेड के जरिए ट्रेडर्स ने करोड़ों रूपए अलागववादी नेताओं को दिया है. NIA की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि 2008 से 2016 के बीच भारत में फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के जरिए पुंछ और उरी के रास्ते व्यापार के नाम पर 1550 करोड़ रुपये आ गए. NIA इस बारे में पूछताछ कर सकती है कि किस-किस व्यापारियों के जरिए इनके पास पैसा आया.

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NIA के सूत्रों ने ये खुलासा किया है कि पाकिस्तान में सीमा पार से इस व्यापार को देखने के लिए पाकिस्तान की आर्मी ने अपने एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर को लगा रखा था. जिसने चालाकी से इस व्यापार के नाम पर करोड़ों रुपए घाटी में आतंक के लिए करीब 1550 करोड़ रुपये भेज दिए. अलगाववादी नेताओं के बॉर्डर पार किस-किस के संपर्क हैं उसकी पड़ताल में जुटी है.

NIA इस 1550 करोड़ रुपये पैसे कहां-कहां गए हैं उसका मनी ट्रेल निकाल रही है. NIA कश्मीर, दिल्ली, राजस्थान और चंडीगढ़ के 30 से 40 ट्रेडर्स से इस बाबत कई बार NIA मुख्यालय में पूछताछ कर चुकी है. अब NIA इस पूछताछ के आधार पर इन अलागववादी नेताओं को घेर रही है.

NIA का इस पूछताछ से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के साथ ट्रेडिंग करने वाली एक-एक कंपनियों ने 20- 20 प्रॉक्सी कंपनियां बनाकर कश्मीर में आतंक के नाम पर फर्जी तरीके से फंडिंग किया है. जिसमें अलागववादी नेताओं के पास भी पैसा गया है.

NIA की जिन व्यापारियों से पूछताछ अब तक हुई है उनसे खुलासा हुआ है कि ये व्यापारी पाकिस्तानी व्यापारियों से दुबई और पेरिस में मुलाकात करते थे और घाटी में हुर्रियत नेताओं और आतंकी कैडर के पास पैसा कैसे और कहां पहुंचना है उसके निर्देश लेते थे.

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कश्मीर के व्यापारियों की पाकिस्तान के व्यापारियों के साथ दुबई और पेरिस की मीटिंग के रिकॉर्ड NIA खंगाल रही है. अलागववादी नेता भी क्या दुबई और पेरिस में मिलते थे उसकी जानकारी इन अलागववादी नेताओं से ली जाएगी.

सूत्रों के मुताबिक NIA हेड ऑफिस में अलागववादी नेता फारूक अहमद डार उर्फ 'बिट्टा कराटे', जावेद अहमद बाबा उर्फ 'गाजी' और नईम खान से कई दिनों तक पूछताछ हो सकती है.

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