उत्तर- पश्चिम भारत की तरफ एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने कदम बढ़ा दिए हैं. इस वेदर सिस्टम की वजह से हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी होने की संभावना बन गई है.
इस सिस्टम के कमजोर होने की वजह से मैदानी इलाकों में आसमान साफ रहेगा लेकिन हवाओं की रफ्तार थम जाएगी. जब ये वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आगे निकल जाएगा तो मैदानी इलाकों में रात के तापमान में गिरावट देखी जाएगी. इन स्थितियों में मैदानी इलाकों में स्मॉग की वापसी की आशंका बताई जा रही है.
दिल्ली एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स पर नजर डालें तो इस समय पीएम 2.5 कणों की मात्रा 174 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर पर है. ये मात्रा सामान्य के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है. ऐसा अनुमान है कि अगले तीन दिनों में पीएम 2.5 कणों की हवा में मात्रा बढ़कर 226 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर पर पहुंच जाएगी.
मौसम विभाग के डीडीजीएम डॉ. देवेंद्र प्रधान के मुताबिक 29 नवंबर को हल्के कोहरे की संभावना है और दिल्ली एनसीआर में रात का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा.
इसी के साथ 2 दिसंबर तक दिल्ली एनसीआर में हवाओं की रफ्तार थमी रहेगी. इन स्थितियों में दिल्ली हवा में प्रदूषण का लेवल बढ़ने की आशंका है. मौसम के जानकारों के मुताबिक इस बारे में पूरी तरह से कह पाना संभव नहीं है.
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली एनसीआर के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 29 तारीख से उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं की आमद बढ़ सकती है. अगर ऐसा हुआ तो दिसंबर के पहले हफ्ते में उत्तर भारत के तमाम इलाकों में दिन के तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी.
जानकारों का कहना है कि दिसंबर के पहले पखवाड़े में ताकतवर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की संभावना बढ़ जाएगी और ऐसे किसी भी सिस्टम के आने के साथ ही उत्तर भारत के तमाम इलाकों में बारिश और बर्फबारी के साथ जोरदार ठंड दस्तक दे देगी.