राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पाकिस्तान की मौजूदगी में आतंकवाद का मुद्दा उठाया और ऐसी गतिविधियों की निंदा की. उन्होंने चीन और पाकिस्तान दोनों को स्पष्ट भाषा में खरी-खरी कही और दोनों देशों के NSA मौजूदगी में चीन की विस्तारवादी नीति और पाकिस्तान की 'आतंकी नीति' पर हमला किया.
NSA अजीत डोभाल SCO देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में बोल रहे थे. यह बैठक बुधवार को शुरू हुई. पाकिस्तान के NSA इस बैठक में वर्चुअली जुड़े थे. वहीं खबरों के मुताबिक चीन ने भी इस बैठक में वर्चुअली हिस्सा लिया.
आतंकवाद शांति और सुरक्षा में सबसे बड़ा खतरा: डोभाल
बैठक में एएसए अजीत डोभाल ने कहा कि किसी भी तरह का आतंकवाद अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक खतरा है. सभी देशों को आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों सहित काउंटर टेररिज्म प्रोटोकॉल के प्रति अपने दायित्व को पूरा करना है. आतंकवाद की कोई भी गतिविधि, चाहे उसके पीछे जो भी वजह हो, यह अपने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में अनुचित है. इसका पोषण करना अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है.
भारत ने की मेजबानी
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में भारत ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) और शीर्ष अधिकारियों की इस बैठक की मेजबानी की. भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने एससीओ एनएसए बैठक में प्रारंभिक टिप्पणी करते हुए कहा कि चार्टर सदस्य देशों से संप्रभुता, राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता, बल का उपयोग न करने या अंतरराष्ट्रीय संबंधों में इसके उपयोग के खतरे के लिए पारस्परिक सम्मान रखने का आह्वान करता है.
उन्होंने बैठक से पहले अपनी टिप्पणी में बैठक के लिए निमंत्रण स्वीकार करने के लिए सदस्य देशों के लिए आभार भी व्यक्त किया. बता दें कि एससीओ की अगली महत्वपूर्ण बैठक 27-29 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित होने वाली रक्षा मंत्रियों की बैठक होगी.