दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्याज के मसले पर गुरुवार को जबर्दस्त भागदौड़ की. उन्होंने कृषि मंत्री शरद पवार और खाद्य मंत्री के वी थॉमस से मुलाकात कर प्याज के मामले में उनकी मदद मांगी. उन दोनों ने उन्हें मदद का वादा किया है.
बताते हैं कि शरद पवार ने महाराष्ट्र में संबंधित व्यक्तियों से इस बाबत बातचीत की और उनसे दिल्ली प्याज भिजावाने को कहा है. उन्होंने यह बी कहा कि महाराष्ट्र में प्याज की फसल को भारी बरसात से नुकसान हुआ है लेकिन अब हालत में सुधार है. इस बार ज्यादा जमीन पर प्याज की खेती हो रही है इसलिए प्याज के दाम जल्द गिर जाएंगे.
खाद्य मंत्री थॉमस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वह 50 रुपए प्रति किलो की दर प्याज दिल्ली भिजवाएं. वहां से जल्द प्याज दिल्ली आएगा.
शीला दीक्षित ने कहा कि मामला गंभीर है. हम कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास कर रहे हैं. हमने चुनाव आयोग से कम दाम पर प्याज बेचने की अनुमति मांगी है. इस समय व्यापारी जमाखोरी कर रहे हैं. नाफेड से कहा गया है कि वह प्याज का इम्पोर्ट करे.
1998 में जब प्याज के दाम इस तरह से बढ़े थे तो बीजेपी की सरकार यहां गिर गई है. शीला दीक्षित की चिंता यह है कि इस बार कहीं ऐसा न हो. इसलिए वह अब जोर शोर से इसे ही गिराने में लग गई हैं.