कोरोना की महामारी के इलाज में अस्पताल ही बीमार हो गए हैं. राजधानी दिल्ली से लेकर देश के तमाम शहरों में ऑक्सीजन की किल्लत चल रही है. इस बीच ऑक्सीजन के धंधेबाज चांदी काट रहे हैं. जिस ऑक्सीजन सिलेंडर की रीफिलिंग 3 सौ रुपये में होती है, उसके लिए डेढ़ हजार रुपये वसूले जा रहे हैं. ये सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है.
राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले बेलगाम हो रहे हैं. एक दिन में होने वाली मौतों का आंकड़ा रिकॉर्ड बना रहा है. बाजार में ऑक्सीजन सिलेंडर या तो मौजूद नहीं हैं, अगर मिल भी रहा है तो पांच गुनी ज्यादा कीमत पर. आपदा में भी इन धंधेबाजों ने अंधाधुंध कमाई का अवसर तलाश कर लिया है.
60 फीसदी बढ़ी ऑक्सीजन की डिमांड
दिल्ली में अस्पताल हैं तो बेड नहीं है. ऑक्सीजन के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं. अस्पताल प्रशासन कह रहा है अपना ऑक्सीजन लेकर आओ. बीते 24 घंटे में दिल्ली में 28,395 नए केस आए है जबकि 277 लोगों की मौत हो गई है. दिल्ली में कोरोना संक्रमण का दर 32.82 फीसदी तक पहुंच चुका है. कोरोना का सीधा हमला फेफड़ों पर हो रहा है, जिसकी वजह से कोरोना संक्रमितों को अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो ऑक्सीजन की डिमांड 60 फीसदी तक बढ़ गई है.
बाजार में ऑक्सीजन सिलेंडर की किल्लत चल रही है और इसके साथ ही कालाबाजारी भी हो रही है. 'आजतक' के अंडरकवर रिपोर्टर ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए कालाबाजारियों को बेनकाब करने की मुहिम चलाई. खुफिया टीम दिल्ली के शाहदरा के प्रताप गैस गोदाम में जानू सैनी से मिली थी. दुर्गा ऑक्सीजन गैस डिपो पर आजतक की टीम की मुलाकात दुकान के मालिक एचओ मदान से हुई. यहां पहले से ही तमाम लोग आक्सीजन सिलेंडर के लिए खड़े थे.
ऑक्सीजन सिलेंडर का पांच गुना दाम!
दुकान के मालिक एचओ मादान से टीम ने 47 लीटर के ऑक्सीजन सिलेंडर की बात की. दुकान के मालिक एचओ मदान ने बताया कि 47 लीटर का ऑक्सीजन सिलेंडर उसके पास नहीं है, उसकी एवज में उसने 7 लीटर का सिलेंडर ऑफर किया, जिसकी कीमत उसने बताई 6000 रुपये. जबकि 7 लीटर का ऑक्सीजन सिलेंडर अमूमन 3000 रुपये तक का मिल जाता है. आजतक की खुफिया टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी चल रही है. दोगुना से लेकर पांच गुना तक कीमत वसूली जा रही है. शहादरा में जानू सैनी नाम के ऑक्सीजन सिलेंडर की दुकान के मालिक ने 300 रुपये में भरे जाने वाले सिलेंडर के लिए 1500 रुपये मांगे. इतना ही नहीं उसने छोटे सिलेंडर जो अमूमन 100 रुपये में भरे जाते हैं, उसके लिए पांच सौ रुपये की मांग की.
साथ ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं तो भर्ती नहीं
दिल्ली, मुंबई, पटना, कानपुर, प्रयागराज समेत तमाम शहरों में ऑक्सीजन की किल्लत जानलेवा साबित हो रही है. दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मरीजों से कहा जा रहा है कि अगर उनके पास ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं तो उन्हें भर्ती नहीं किया जाएगा. जीटीबी अस्पताल में देर रात ऑक्सीजन लेकर आए टैंकर से थोड़ी राहत मिली. दूसरी तरफ दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल ने अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर उन्हें कुछ घंटों में ऑक्सीजन नहीं मिली तो मरीज़ों की जान बचाना मुश्किल हो जाएगा.
बिजली कटने की वजह से ऑक्सीजन मिलने में देरी
यूपी के प्रयागराज में कोरोना के मरीज़ों की संख्या बढ़ी है. नैनी इलाके में बने प्रदेश के सबसे बड़े ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन लेने वालों की भारी भीड़ है. लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर तो मिल रहा है लेकिन बार बार बिजली कटने की वजह से ऑक्सीजन सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है.