दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज शनिवार को कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि इस साल सरकार ने पद्म पुरस्कारों के लिए केंद्र सरकार को केवल डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों के नाम भेजने का फैसला लिया है. पद्म पुरस्कारों की सिफारिश के लिए 9427 लोगों ने मेडिकल से जुड़े 740 लोगों के लिए नाम सुझाए.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज इस संबंध में जानकारी दी. दिल्ली सरकार ने इसके लिए जनता से सुझाव मांगे थे. 9427 सुझाव मिले, जिनमें 740 डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के नामों की सिफारिश की गई. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता वाली समिति ने इन नामों को परखने के बाद 3 डॉक्टरों के नाम पद्म अवार्ड के लिए फाइनल किए हैं.
केजरीवाल सरकार की ओर तीन डॉक्टरों के नाम पद्म अवॉर्ड के लिए भेजा जाएगा. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि आईएलबीएस अस्पताल के डॉक्टर एसके सरीन, लोक नायक हॉस्पिटल के डॉक्टर सुरेश कुमार, मैक्स हॉस्पिटल के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर संदीप बुद्धिराजा के नाम पद्म पुरस्कारों के लिए केंद्र को भेजे जाएंगे.
डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ के ही नाम
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार सभी राज्य सरकारों से हर साल मांग करती है कि आपके यहां से पद्म अवार्ड किसको दिए जाएं. दिल्ली सरकार ने तय किया था कि पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री के लिए डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ का नाम ही इसके लिए रिकमेंड करेंगे.
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केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इसके लिए सुझाव मांगे और हमारे पास 9427 लोगों ने सुझाव दिए और ये सुझाव 740 मेडिकल प्रोफेशनल से जुड़े हुए थे यानी 740 मेडिकल प्रोफेशनल के लिए 9427 लोगों ने सिफारिश की. इसके लिए उन सभी सिफारिशों को जांचने के लिए एक समिति बनाई गई.
उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया उस समिति के अध्यक्ष थे. मुख्य सचिव, एडीशनल चीफ सेक्रेट्री और डिविजनल कमिश्नर समिति के सदस्य थे. इन लोगों ने इस पूरे मामले को एग्जामिन करके 3 लोगों के नाम दिल्ली सरकार की तरफ से पद्म अवार्ड के लिए छांटे है
इन वजहों से 3 नाम तय
समिति ने जिन 3 लोगों के नाम पद्म पुरस्कारों के लिए चयन किया है. उनके बारे में केजरीवाल ने बताया कि सरीन साहब आईएलबीएस के वाइस चांसलर हैं. उन्होंने देश ही नहीं दुनिया का पहला प्लाज्मा बैंक आईएलबीएस में चालू किया था. यह प्लाज्मा बैंक रात-दिन 24 घंटे चलता था. 8000 से ज्यादा प्लाज्मा यूनिट यहां से डोनेट किए गए.
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने दिल्ली सरकार की सबसे पहली आरटी-पीसीआर टेस्ट फैसिलिटी शुरू की, उन्होंने यह टेस्ट तब शुरू किया जब कोई इसे नहीं कर पा रहा था. इसके बाद उन्होंने दिल्ली की पहली जिनोम सीक्वेंसिंग लाइव शुरू की जो कि अपने आप में स्टेट ऑफ द आर्ट लैब थी. जबकि इससे पहले सारे सैंपल NCDC भेजने पड़ते थे. इस सैंपल से यह पता चलता था कि जो वायरस आया है वो किस तरह का वायरस है. कोरोना लहर के दौरान उन्होंने लोगों की खूब सेवा की और जब जरूरत पड़ी तब दिल्ली सरकार को गाइडेंस भी दी.
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि डॉक्टर सुरेश कुमार लोक नायक हॉस्पिटल (LNJP) के मेडिकल डायरेक्टर हैं. उनकी देखरेख में लोक नायक हॉस्पिटल ने देश के सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों का इलाज किया. हॉस्पिटल ने 20,500 कोरोना मरीजों का इलाज किया जो कि पूरे देश में सबसे ज्यादा है. साथ ही उन्होंने देश का दूसरा प्लाज्मा बैंक लोक नायक हॉस्पिटल में शुरू किया.
'यूनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था शुरू की'
उन्होंने कहा कि डॉक्टर सुरेश ने अपने यहां एक यूनिक फैसिलिटी शुरू की. कोरोना मरीज अपने रिश्तेदारों से मिल नहीं सकते थे, ऐसे में इन्होंने यूनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था शुरू की जिससे मरीज अपने रिश्तेदारों से बात कर सकते थे. इन्होंने भी अपने यहां जिनोम सीक्वेंसिंग सुविधा शुरू की. साथ ही कोरोना जब शुरू हुआ तो इनके यहां सिर्फ 50 आईसीयू बेड थे लेकिन उन्होंने इसको बढ़ाकर 900 ICU बेड्स किया. उन्होंने ऑक्सीजन के बहुत सारे बेड भी बढ़ाएं.
LNJP वह अस्पताल था जहां कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाएं थीं. उनकी डिलीवरी के लिए व्यवस्था की गई. 627 महिलाओं ने संक्रमित होते हुए डेडीकेटेड लेबर वार्ड में बच्चों को जन्म दिया जिसमें 266 सिजेरियन थे. डेडीकेटेड डायलिसिस फैसिलिटी भी उन्होंने अपने यहां शुरू की. 2151 को डायलिसिस फैसिलिटी दी गई.
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने तीसरे डॉक्टर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि डॉक्टर संदीप बुद्धिराजा मैक्स ग्रुप के मेडिकल डायरेक्टर हैं. इनके अस्पताल में केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे देश से लोग इलाज कराने आते हैं. उन्होंने उनके इलाज किए और देश का सबसे पहला प्लाजमा ट्रीटमेंट उन्होंने ही शुरू किया. डॉक्टर बुद्धिराजा की ही देखरेख में हजारों मरीज देखे गए और उनका इलाज किया गया.