साउथ दिल्ली में बने मॉल और अस्पतालों में आने वाले वाहनों से पार्किंग शुल्क लिए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. अब साउथ एमसीडी में स्थाई समिति अध्यक्ष भुपेद्र गुप्ता अधिकारियों के साथ साउथ दिल्ली के अलग-अलग मॉल और अस्पताल का दौरा करने जा रहे हैं.
दरअसल साउथ एमसीडी को इस बात की शिकायत लंबे वक्त से मिल रही थी कि अस्पताल और मॉल के बेसमेंट में पार्किंग और दूसरी व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं. इसके बाद स्थाई समिति में इस मुद्दे पर लंबी बहस हुई थी. उस वक्त स्थाई समिति अध्यक्ष भुपेद्र गुप्ता ने 7 दिनों के भीतर सभी ज़ोन से रिपोर्ट मंगाई थी. अब स्थाई समिति अध्यक्ष अधिकारियों के दल के साथ दौरा करने जा रहे हैं.
आपको बता दें कि अस्पताल और मॉल में नक्शा पास करते समय ये नियम बनाया गया था कि इनके बेसमेंट में गाड़ियों की निशुल्क पार्किंग होगी. इसके एवज में एमसीडी ने ज्यादा फ्लोर एरिया की इजाजत दी थी. इसके बावजूद अस्पताल और मॉल के बेसमेंट में पार्किंग चार्ज तो लिया जा ही रहा है, वहीं कुछ जगहों पर बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां भी शुरू कर दी गयी हैं. हालांकि एमसीडी ने कई बार इस बाबत नोटिस भी जारी किए हैं. साउथ एमसीडी ने पहले ही सभी अस्पतालों और मॉल्स को इसे लेकर सूचित कर दिया था लेकिन इसके बावजूद कई जगहों से इसकी शिकायत मिल रही थी.
मंगलवार को ही नेता सदन शिखा राय ने कहा था कि अस्पतालों और मॉल के अंदर पार्किग शुल्क लेना उचित नहीं है क्योंकि अस्पताल एक ऐसी जगह होती है, जहां उनके परिजन मरीज को देखने के लिए बार-बार आते हैं. मरीज का परिवार पहले ही कठिनाई में होता है और ऐसे में उनसे पार्किंग फीस लेना उचित नहीं है. वहीं, मॉल को लेकर भी निगम अपना रुख साफ कर चुका है कि वो शॉपिंग के लिए आने वालों से पार्किंग फीस नहीं ली जा सकती.
हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार
मॉल और निजी हॉस्पिटल में चल रही पार्किंग पर साउथ एमसीडी को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी नोटिस जारी किया था. इसके साथ ही कोर्ट ने 4 हफ्ते में जवाब भी मांगा है. हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है कि 2015 में साउथ एमसीडी ने मॉल और हॉस्पिटल में फ्री पार्किंग का नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन उस पर अमल अब तक नहीं हुआ है.