रक्षा निर्यात बढ़ाने की सरकार की योजनाओं को बड़ी सफलता मिली है. फिलीपींस ने भारतीय ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड से एक अनुबंध किया है. इसके मुताबिक, फिलीपींस ने भारतीय ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के करीब 375 मिलियन (2 हजार 780 करोड़ रुपए) के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. इसके तहत भारत फिलीपींस नेवी को तट आधारित एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति करेगा.
भारत-रूस द्वारा संयुक्त रूप से बनाई गई ब्रह्मोस मिसाइल पर भरोसा दिखाते हुए फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा विभाग ने इसकी जानकारी दी है. बता दें कि तीन दिन पहले इंडियन नेवी और डीआरडीओ ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का आईएनएस विशाखापत्तनम से सफल परीक्षण किया था. भारतीय नौसेना के मुताबिक इस मिसाइल का परीक्षण पश्चिमी तट के पास समुद्र में किया गया. ब्रह्मोस मिसाइल के समुद्र से समुद्र में हमला करने वाले वैरिएंट ने अपनी अधिकतम सीमा हासिल की और टारगेट को पूरी सटीकता के साथ ध्वस्त कर दिया.
Philippines has accepted BrahMos Aerospace Pvt Ltd's proposal worth USD 374.9 million to supply Shore-Based Anti-Ship Missile System Acquisition Project for its navy. The Notice of Award has been communicated to BrahMos officials by the Philippines Department of National Defense
— ANI (@ANI) January 14, 2022
समुद्र से दागने के लिए ब्रह्मोस मिसाइल के चार वैरिएंट्स हैं. पहला- युद्धपोत से दागा जाने वाला एंटी-शिप वैरिएंट, दूसरा युद्धपोत से दागा जाने वाला लैंड-अटैक वैरिएंट. ये दोनों ही वैरिएंट भारतीय नौसेना में पहले से ऑपरेशनल हैं. तीसरा- पनडुब्बी से दागा जाने वाला एंटी-शिप वैरिएंट. सफल परीक्षण हो चुका है. चौथा- पनडुब्बी से दागा जाने वाला लैंड-अटैक वैरिएंट.
ब्रह्मोस मिसाइल की खासियत
युद्धपोत से लॉन्च किए जाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल 200 किलोग्राम वॉरहेड ले जा सकती है. यह मिसाइल मैक 3.5 तक की अधिकतम गति हासिल कर सकती है. यानी 4321 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार. इसमें दो स्टेज का प्रोप्लशन सिस्टम लगा है. पहला सॉलिड और दूसरा लिक्विड. दूसरा स्टेज रैमजेट इंजन (Ramjet Engine) है. जो इसे सुपरसोनिक गति प्रदान करता है. साथ ही ईंधन की खपत कम करता है.