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'2047 तक विकसित भारत बनाना है...' शपथ से पहले संभावित मंत्रियों से मोदी की मीटिंग, बोले- 5 साल का रोडमैप तैयार

Narendra Modi Oath Taking Ceremony: मोदी सरकार 3.0 के शपथ ग्रहण से पहले दिल्ली में सियासी हलचल काफी तेज हो चुकी है. यहां 22 सांसदों के साथ मोदी की अहम बैठक हुई. नरेंद्र मोदी ने इन सांसदों को 'चाय पर चर्चा' के लिए बुलाया था. बताया जा रहा है कि ये मोदी सरकार के संभावित मंत्री हो सकते हैं.

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सांसदों के साथ बैठक करते मोदी.
सांसदों के साथ बैठक करते मोदी.

Narendra Modi Oath Taking Ceremony: देश की राजधानी नई दिल्ली में शपथ ग्रहण से पहले नरेंद्र मोदी ने संभावित मंत्रियों के साथ पहली बैठक की है, जिसकी तस्वीर सामने आई है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि पांच साल का रोडमैप तैयार है. इस दौरान उन्होंने 100 दिन के रोडमैप पर चर्चा की और उसे लागू करने के निर्देश दिए. 

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सूत्रों के हवाले से खबर है कि पीएम मोदी ने अपनी कैबिनेट के नए सहयोगियों से कहा कि 100 दिन एजेंडा की कार्ययोजना को जमीन पर उतारना है. इसी के साथ पेंडिंग योजनाओं को पूरा करना है. उन्होंने कहा कि जो आपको विभाग मिलेगा, उसे जल्दी से जल्दी पूरा किया जाए, इसकी चिंता कीजिएगा.

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प्रधानमंत्री आवास पर 22 सांसदों के साथ हुई बैठक में मोदी ने कहा कि पांच साल का रोडमैप भी तैयार है. आप उस पर जी जान से जुट जाइएगा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि साल 2047 में भारत को पूरी तरह से विकसित भारत बनाना है. जनता को एनडीए पर भरोसा है. उसे और मजबूत करना है.

प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में ये 22 सांसद हुए शामिल

जो सांसद प्रधानमंत्री आवास पर मीटिंग में शामिल होने पहुंचे, उनमें सर्बानंद सोनोवाल, चिराग पासवान, अन्नपूर्णा देवी, मनोहर लाल खट्टर, शिवराज सिंह चौहान, भागीरथ चौधरी, किरेन रिजिजू, जितिन प्रसाद, एचडी कुमारस्वामी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, निर्मला सीतारमण, रवनीत बिट्टू, अजय टमटा, राव इंद्रजीत सिंह, नित्यानंद राय, जीतन राम मांझी, धर्मेंद्र प्रधान, गजेंद्र सिंह शेखावत, हर्ष मल्होत्रा, एस जयशंकर, सीआर पाटिल व कृष्णपाल गुर्जर शामिल थे.

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हिस्सेदारी को लेकर BJP नेतृत्व और सहयोगियों के बीच चल रही बातचीत

मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने जा रहे हैं. इसी के साथ वह अपने दो कार्यकाल पूरे करने के बाद गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बराबरी कर लेंगे. पिछली दो बार 2014 और 2019 में बीजेपी को अपने दम पर बहुमत प्राप्त हुआ था, लेकिन इस बार उसे सरकार बनाने के लिए अन्य दलों के समर्थन की जरूरत है.

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नई सरकार में एनडीए के विभिन्न घटकों की हिस्सेदारी को लेकर भाजपा नेतृत्व और उसके सहयोगियों के बीच गहन बातचीत चल रही है. भाजपा के वरिष्ठ नेता जैसे अमित शाह और राजनाथ सिंह के अलावा पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा तेलुगू देशम पार्टी के एन चंद्रबाबू नायडू, जेडीयू के नीतीश कुमार और शिवसेना के एकनाथ शिंदे सहित अन्य सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहे हैं.

सहयोगियों को मिल सकते हैं पांच से आठ कैबिनेट बर्थ

ऐसा माना जा रहा है कि शिक्षा और संस्कृति के अलावा गृह, वित्त, रक्षा और विदेश जैसे अहम मंत्रालय भाजपा के पास रहेंगे, जबकि उसके सहयोगियों को पांच से आठ कैबिनेट बर्थ मिल सकते हैं. पार्टी के भीतर जहां अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे नेताओं को नए मंत्रिमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है, वहीं लोकसभा चुनाव जीतने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जैसे शिवराज सिंह चौहान, बसवराज बोम्मई, मनोहर लाल खट्टर और सर्बानंद सोनोवाल सरकार में शामिल होने के दावेदार हैं.

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