मीट व्यापारी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी मोइन कुरैशी को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया है. मोइन कुरैशी को कोर्ट ने गिरफ्तारी के करीब 4 महीने बाद जमानत दी है. हालांकि कोर्ट ने ये जमानत कुछ कड़ी शर्तों के साथ दी है. कोर्ट ने कुरैशी को कहा है कि वो मामले से जुड़े किसी गवाह को संपर्क नहीं करेगा. सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा और बिना कोर्ट की इजाजत के देश से बाहर नहीं जाएगा. कुरैशी का पासपोर्ट कोर्ट में ही जमा रहेगा.
पटियाला कोर्ट ने मोइन कुरैशी को 2 लाख रुपये के मुचलके पर रिहा किया है. ईडी इस मामले में पहले ही अपनी चार्जशीट कोर्ट मे दाखिल कर चुकी है. 200 करोड़ रुपए के मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए अरबपति मीट व्यापारी मोइन कुरैशी पर आरोप है कि उसने हवाला कारोबार के जरिए दुबई, लंदन और यूरोप के कई शहरों में अवैध तरीके से मोटी रकम भेजी.
ईडी ने जब मोइन कुरैशी को अगस्त मे गिरफ्तार किया था तो बताया था कि 12 करोड़ की मनी ट्रेल में पैसे के लेन-देन के 3 मामले हैं. एक मामले में 8 करोड़, दूसरे मे करीब सवा दो करोड़ और तीसरे में एक करोड़ 75 लाख की ट्रांजैक्शन की गई. ईडी ने कोर्ट को बताया है कि मनी लॉन्ड्रिंग के पैसे से कुछ प्रॉपर्टीज खरीदी गई हैं. कुछ फर्जी कंपनियों के जरिये भी पैसे को एक जगह से दूसरे पहुंचाया गया. ये कंपनी सिर्फ कागजों पर हैं और पैसे को एक जगह से दूसरी जगह भेजा गया.
ईडी ने 2015 में कुरैशी के खिलाफ विदेशी विनिमय प्रबंध कानून यानि फेमा के तहत अपनी जांच शुरू की. ईडी की जांच आयकर विभाग की तरफ से दिए गए दस्तावेजों के आधार पर शुरु हुई थी. इन दस्तावेजों में मीट व्यापारी मोइन कुरैशी और उसकी कंपनियों के हवाला कारोबार में संलिप्तता और फेमा कानून के उल्लंघन में शामिल होने के संकेत मिले थे.