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पहलवानों से छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने सभी 7 शिकायतकर्ता रेसलर के बयान दर्ज किए

इस बीच पहलवानों से छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने सभी 7 शिकायतकर्ता रेसलर के बयान दर्ज कर चुकी है. सभी शिकायतकर्ताओं के बयान नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट में हुए हैं. शिकायतकर्ता के वकील की मौजूदगी में सभी के बयान दर्ज हुए.

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पुलिस ने सभी 7 शिकायतकर्ता रेसलर के बयान दर्ज किए
पुलिस ने सभी 7 शिकायतकर्ता रेसलर के बयान दर्ज किए

दिल्ली के जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना-प्रदर्शन जारी है. खिलाड़ियों की मांग है कि अगर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वो अपना मेडल वापस कर देंगे. इस बीच पहलवानों से छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने सभी 7 शिकायतकर्ता रेसलर के बयान दर्ज कर चुकी है. सभी शिकायतकर्ताओं के बयान नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट में हुए हैं. शिकायतकर्ता के वकील की मौजूदगी में सभी के बयान दर्ज हुए.

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शिकायतकर्ताओं ने अलग अलग इंसिडेंट के बारे में बयान दिए हैं, लेकिन छेड़छाड़ की तारीख किसी भी पहलवान को याद नहीं. जल्द ही बृजभूषण शरण सिंह के बयान दर्ज हो सकते हैं.

हरियाणा सरकार ने किया किनारा
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को एक और बड़ा झटका लगा है. हरियाणा सरकार ने इस पूरे विवाद से किनारा कर लिया है. बीजेपी नेता या तो इस मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं या दावा कर रहे हैं कि ये मुद्दा राज्य से संबंधित नहीं है. खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को कहा कि दबाव बनाने के बजाय समस्या को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है. 

बता दें कि नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर पहलवान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इन पहलवानों के पक्ष में हरियाणा के विपक्षी दलों, खिलाड़ियों के परिवारों और खाप पंचायतों ने खुलकर समर्थन दिया है. दिलचस्प बात यह है कि पहलवानों के 'आंदोलन' का नेतृत्व तीन प्रमुख रेसलर्स कर रहे हैं, इनमें विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया शामिल हैं. WFI के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का विरोध करने वाले ज्यादातर पहलवान हरियाणा के हैं.

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'निष्पक्ष जांच से सच्चाई आएगी सामने'
हरियाणा के करनाल में मनोहर लाल ने मीडियाकर्मियों से कहा कि निष्पक्ष जांच से पता चलेगा कि लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं. खट्टर की प्रतिक्रिया लगभग एक पखवाड़े के बाद पहलवानों के विरोध करने के बाद आई है. इससे पहले इस साल जनवरी में खट्टर ने पहलवानों को समर्थन देने की घोषणा की थी और कहा था कि उनकी सरकार पहलवानों का मनोबल नहीं गिरने देगी.

 

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