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दिल्ली पर प्रदूषण और डेंगू की दोहरी मार, 5 हजार के करीब पहुंचा मरीजों का आंकड़ा

दरअसल, डेंगू मच्छरों की तीन कैटिगंरी एग, लार्वा और प्यूपा को तो एंटी लार्वा दवाई के जरिए खत्म किया जा सकता है, लेकिन चौथी स्टेज वो एडल्ट मच्छर जो उड़कर भाग जाते हैं उन मच्छरों की सासों के लिए जहर साबित होता है. यही वजह है कि चौथी स्टेज में एडीज मच्छर को मारने के लिए दिल्ली के 250 वार्ड में सुबह शाम फॉगिंग कराई जा रही है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली में सीजन की पहली सबसे खराब आबोहवा अक्टूबर महीने के आखिरी हफ्ते में दर्ज हुई और AQI-306 दर्ज हुआ. वही राजधानी में एनसीआर के शहरों में फैले डेंगू की दहशत के बीच राजधानी में डेंगू के मच्छरों के लिए घातक इतजाम किये जा रहे हैं. दिल्ली में डेंगू का आंकड़ा 5 हजारी होने को है तो वहीं बच्चो में प्लेटलेट्स गिरने के मामले सामने आ रहे हैं. 

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दिल्ली में डेंगू को काबू करने के लिए दिल्ली नगर निगम का हेल्थ विभाग सक्रिय है. लिहाजा डेंगू मच्छरों की सासें खत्म हो सके इसके लिए सुबह और शाम फॉगिंग हो रही है. असिस्टेंट मलेरिया इंस्पेक्टर शुगर सिंह मीणा ने बताया कि डेंगू के एडीज मच्छरों और दूसरे एडल्ट मॉस्किटो के लिए फॉगिंग हो रही है. फॉगिंग में उड़े वाला कैमिकल एड़ीज मच्छरों की सांसों में भरने से उसकी मौत हो जाती है. 

दरअसल, डेंगू मच्छरों की तीन कैटिगंरी एग, लार्वा और प्यूपा को तो एंटी लार्वा दवाई के जरिए खत्म किया जा सकता है, लेकिन चौथी स्टेज वो एडल्ट मच्छर जो उड़कर भाग जाते हैं उन मच्छरों की सासों के लिए जहर साबित होता है. यही वजह है कि चौथी स्टेज में एडीज मच्छर को मारने के लिए दिल्ली के 250 वार्ड में सुबह शाम फॉगिंग कराई जा रही है.

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क्या है इस धुएं में
असिस्टेंट मलेरिया इंस्पेक्टर शुगर सिंह मीणा ने बताया कि दरअसल 200 लीटर डीजल और 25 लीटर पेट्रोल के साथ ही दवाई होती है जो सभी मिक्स होकर फॉगिंग का सॉल्यूशन बनाते हैं और ये एडल्ट मच्छरों को मार देता है.

दिल्ली में डेंगू छूने को है 5 हजार का आंकड़ा
दिल्ली में 1 जनवरी से अब तक डेंगू के कुल मामले 4965 दर्ज हैं. बीते हफ्ते में 525 मामले डेंगू के दर्ज किये गए. पिछले साल इसी सीजन में इनकी संख्या 4470 थी तो 2021 में 9613 मामले डेंगू के सामने आए. अभी तक डेंगू से सिर्फ 1 मौत दर्ज है जबिक पिछले साल 9 मौते हुई तो 2021 में डेंगू से कुल 23 मौत हुई. 

दिल्ली नगर निगम के एमएचओ ललन वर्मा के मुताबिक दिल्ली में डेंगू अभी कंट्रोल में है. सर्दियों में बाहर तापमान कम होता है लिहाजा मच्छर घरों के अंदर आ जाते हैं ऐसे में घरों के अंदर डेंगू मच्छरों की ब्रीडिंग रोकने के लिए लोगों की जागरूकता के साथ ही कूलर, पानी की टंकी, हौदी में पानी जमा ना होने दें ताकि डेंगू मच्छरों का लार्वा पनप ना पाए. एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि फीवर वार्ड में डेंगू के मरीज आ रहे हैं लेकिन स्थिति नियंत्रण में है.  

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दिल्ली नगर निगम में पब्लिक हेल्थ ऑफिसर ललन वर्मा का दावा है कि डेंगू के आंकड़ो में बढ़ोत्तरी इसलिए है क्योंकि साल 2021 में दो साल पहले डेंगू को नोटिफाई डिजीज घोषित किया गया लिहाजा इसकी रिपोर्टिंग टेस्टिंग और केसेस बढ़ रहे हैं. 

नोटिफाई करने से सभी लैबोरेट्री, अस्पताल और दिल्ली गवर्नमेंट के एमसीडी विभाग के साथ ही डिल्ली में डेंगू को रिपोर्ट करने वाले सेंटिनेल सर्विसेज अस्पताल बढ़कर करीब 600 हो गए (जबकि नोटिफाई से पहले सिर्फ 36 ही रिपोर्ट करते थ). वहीं दिल्ली में जुलाई में हुई असमय बारिश और बाढ़ की वजह से डेंगू के मामले बढ़े हैं. 

ज्यादातर केस रिपोर्ट हो रहे हैं. डॉक्टरों ने कहा है कि फुल स्लीव कपड़े पहने जिससे कि मच्छर को अटैक करने का स्पेस ही ना मिल पाए. साफ पानी जमा न होने जिससे डेंगू का लार्वा पैदा हो. अधिकरतर लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं और सोचते हैं कि मच्छर है खत्म ही हो जाएगा और लोग अपनी जिम्मेदारी समझे तो डेंगू खत्म हो सकता है.

गाजियाबाद में डेंगू की दहशत, बच्चों में गिर रही प्लेटलेट्स 
7 साल का अरनव गौतम की प्लेटलेट्स गिरकर 40000 हो गई थी जो अब तीन दिनों के इलाज के बाद 128000 तक पहुंच गई तब जाकर अरनव की मां प्रवेश की जान में जान आई. गाजियाबाद के जिला अस्पताल में डेंगू मरीज बच्चे ज्यादा है. 

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नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि यहां हर रोज डेंगू के आधा दर्जन मरीज रोज आ रहे हैं. बच्चों के साथ बड़े भी डेंगू से लड़ाई लड़ रहे हैं. अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मोनू चौधरी की प्लेटलेट गिरकर 60000 आ गई थी. अस्पताल में चार दिनों से भर्ती है तो अब ये स्थिर हो गई है. हरिश्चंद्र पिछले तीन दिनों से डेंगू वार्ड में लेट कर इलाज करा रहे हैं जिससे उनके प्लेटलेट्स ना गिरे.

एनसीआर के शहर गाजियाबाद में डेंगू की दहशत बढ़ रही है, प्लेटलेट्स घटने वाले मरीजों में बच्चों की संख्या ज्यादा है लिहाजा चिंता बड़ी है.

जिला प्रशासन के मुताबिक शनिवार को 69 मरीज का चेकअप किया गया जिसमें से चार बच्चों समेत डेंगू के 12 नए मामले मिले. गाजियाबाद में इस सीजन भर डेंगू के कुल 924 मरीज दर्ज किए गए.

डेंगू  एक्टिव केस
113
चिकनगुनिया 3
मलारिया 25
स्क्रब टायफश 15

जिला सर्विलांस अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया कि सर्वे के काम में 165 टीम लगाई गई हैं. 108 एरिया के 4541 घरों का सर्वे किया गया. इस दौरान एडीज मच्छर का लार्वा 96 घरों में पाया गया. इंदिरापुरम, राजेंद्र नगर वशुंधरा क्रॉसिंग रिपब्लिक मोरटा राजापुर भोजपुर डासना लोनी और मुराद नगर में भी डेंगू का लार्वा मिला है. आपको जानकर हैरानी होगी कि गाजियाबाद में डेंगू डंक सरकारी चिकित्सक की भी जान ले चुका है. 

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हालांकि गुप्ता का दावा है कि घबराने की कोई बात नहीं है पिछले साल के मुकाबले डेंगू की संख्या नियंत्रण में है लोग जागरुक रहे सतर्क रहें. पूरी बांह के कपड़े पहने आसपास के घरों और गमले में पानी इकट्ठा न होने दें. एमएमजी अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ संतोष शर्मा का कहना है कि हर रोज डेंगू के नए मरीज आने से हमने सर्विलांस बढ़ा दिया है.

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