दिल्ली की खराब होती हवा के कारण सरकार ने एक हफ्ते के लिए स्कूल बंद करने, सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम का ऐलान कर दिया है. बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी फटकार लगाई तो अब सियासी तापमान भी बढ़ने लगा है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की दिल्ली इकाई ने अरविंद केजरीवाल की सरकार पर हमला बोला है.
बीजेपी ने केजरीवाल सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हरियाणा और पंजाब की पराली का बहाना लेकर अरविंद केजरीवाल अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश करते हैं. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा है कि हकीकत ये है कि हरियाणा के दो शहरों करनाल में प्रदूषण का स्तर 157 और पानीपत में 136 है. पंजाब के दो शहरों, लुधियाना में 148 और पटियाला में एक्यूआई का लेवल 163 है.
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा के बाद हम यहां देखें तो प्रदूषण का स्तर 720 के करीब है. दिल्ली के प्रदूषण का मुख्य कारण है धूल है जिसे लेकर केजरीवाल सरकार ने कोई काम नहीं किया है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर बनाना, धूल-कण प्रदूषण कम करना, बैट्री व्हीकल्स, सोलर एक्टिविटी समेत केजरीवाल सरकार ने 2018 में कुल 24 घोषणाएं प्रदूषण कम करने के लिए की थीं लेकिन उनमें से एक भी पूरा क्यों नहीं हुआ.
आदेश गुप्ता का आरोप है कि दिल्ली की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है. सिर्फ विज्ञापन देने से और बड़े-बड़े होर्डिंग्स में अपना प्रचार करवाने से दिल्ली का प्रदूषण कम नहीं होने वाला. इसके लिए जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है. उन्होंने दिल्ली सरकार को यमुना नदी के प्रदूषण के मसले पर भी घेरा.
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष का आरोप है कि यमुना नदी जब हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करती है तो जल का बीओडी लेवल 2 होता है. दिल्ली में 22 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बीओडी लेवल 50 हो जाता है. यमुना नदी में 18 नालों से गंदा पानी बहकर आ रहा है. उन्होंने कहा कि यमुना एक्शन प्लान के तहत मोदी सरकार ने 2419 करोड़ रुपये यमुना नदी के प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिए लेकिन नतीजा सिफर रहा. यमुना नदी आज भी प्रदूषित है.