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गुरुग्राम में कॉल सेंटर और विदेशी नागरिकों से फ्रॉड... हांगकांग तक जाता था ठगी का हिस्सा, जांच में जुटीं कई देशों की एजेंसियां

CBI ने ऑपरेशन चक्र पार्ट-2 के तहत 43 लोगों को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर कल दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था, जहां कोर्ट ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इन आरोपियों की तरफ से अपनी गिरफ्तारी को लेकर कोर्ट में चुनौती दी गई. इस याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट आज सुनवाई करेगा. ये आरोपी गुरुग्राम में बैठकर विदेशी नागरिकों से ठगी कर रहे थे.

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गुरुग्राम से हो रहा था साइबर फ्रॉड. (Photo: Meta AI)
गुरुग्राम से हो रहा था साइबर फ्रॉड. (Photo: Meta AI)

सीबीआई ने ऑपरेशन चक्र पार्ट 2 के तहत साइबर ठगी के 43 आरोपियों को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था. इस मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज शनिवार को सुनवाई करेगी. कल राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. आरोपियों ने अपनी गिरफ्तारी के मामले को कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई होनी है. ये आरोपी गुरुग्राम में बैठकर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी करते थे.

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सीबीआई ने ऑपरेशन चक्र-2 के तहत जिन 43 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, आरोप है कि वे सभी गुरुग्राम में कॉल सेंटर का संचालन करते हुए यहीं से विदेशी नागरिकों से ठगी करते थे. ऑनलाइन क्राइम करने वाला यह अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट है. सीबीआई ने इस सिंडिकेट के खिलाफ साल 2022 से देश में चल रहे साइबर फाइनेंशियल क्राइम नेटवर्क को तार-तार करने के मकसद से ऑपरेशन चक्र शुरू किया था.

इसी सिलसिले की अगली कड़ी के तहत सीबीआई ने 22 जुलाई 2024 में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी. जांच में कई अन्य देशों की एजेंसियां मसलन एफबीआई और इंटरपोल भी शामिल हैं. जांच पड़ताल के दौरान सीबीआई ने राजधानी दिल्ली और साइबर सिटी गुरुग्राम में 7 लोकेशन पर छापेमारी की.

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छापेमारी के दौरान खुलासा हुआ कि डीएलएफ गुरुग्राम स्थित कॉल सेंटर से यह  साइबर फ्रॉड किया जा रहा है. आरोपी लोगों के कंप्यूटर पर पॉप अप मैसेज भेजकर संदिग्ध सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने के लिए कहते थे. इसके बाद वह उनके सिस्टम को रिस्टोर करने के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाते थे. इसी मामले में सीबीआई ने ताबड़तोड़ 43 साइबर ठगों को दबोचा.

साइबर ठगी के इन आरोपियों के पास से 130 कंप्यूटर हार्ड डिस्क, 65 मोबाइल फोन और 5 लैपटॉप बरामद किए गए. इसके अलावा बड़ी संख्या में पीड़ितों की जानकारी, दस्तावेज, कॉल रिकॉर्डिंग और ट्रांसक्रिप्ट बरामद की गई. जांच में ये भी पता चला है कि इस साइबर क्राइम से होने वाली आमदनी का हिस्सा कई देशों से हवाला और अन्य तरीकों से हांगकांग तक भी पहुंचाया गया था.

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