केजरीवाल सरकार और मोदी सरकार के बीच टकराव अब सड़कों पर नजर आने लगा है. एक-दूसरे को बयानों से घेरने की जंग अब पोस्टर वार में तब्दील हो चुकी है. हालांकि, बीजेपी ने इस बार केजरीवाल सरकार को उसी के हथियार से चुनौती दी है. अपील के जवाब में सियासी अपील का दांव खेलकर बीजेपी मैदान मारना चाहती है.
दरअसल, दिल्ली पुलिस और केंद्र के खिलाफ एक साथ मोर्चा खोलने वाली केजरीवाल सरकार पर जोरदार पलटवार हुआ है. दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए पोस्टर लगाए कि उन्हें काम करने दें और परेशान ना करें, तो दिल्ली बीजेपी ने पोस्टर से प्रहार करके ही AAP को जवाब दिया है. बीजेपी ने अपने पोस्टर के जरिए कहा है कि केजरीवाल कुछ काम भी तो कीजिए.
केजरीवाल के पोस्टर के जवाब में आया पोस्टर
पोस्टर वार की शुरुआत तब हुई जब केजरीवाल सरकार का एक पोस्टर दिल्ली की सड़कों पर दिखा. पोस्टर के जरिए दिल्ली के मुख्यमंत्री पीएम से अपील कर रहे हैं, कि उनकी सरकार को काम करने दिया जाए. जवाब में भगत सिंह सेना ने पोस्टर के जरिए अपील कर करते हुए कहा- 'मुख्यमंत्रीजी 525 करोड़ रुपये से वाहवाही मत लूटिए. सीसीटीवी कैमरे लगवाइए.'
इसके बाद बीजेपी ने भी डिप्टी सीएम सिसोदिया के खिलाफ पोस्टर लगवाकर सियासी नौटंकी का आरोप लगाया है. बीजेपी ने केजरीवाल के हमले के जवाब में पोस्टर में तमाम चीजों पर सवाल उठाए हैं. दिल्ली बीजेपी के दफ्तर पंत मार्ग पर लगे पोस्टर्स में लिखा है- 'सिसोदिया साहब बात-बात पर नौटंकी बंद करो, दिल्ली में कुछ तो काम करो.'
'...केजरीवाल सरकार ने रचा इतिहास'
इसी तरह के और भी पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें लिखा है भ्रष्टाचारी और नकली डिग्री वाले विधायकों के साथ मिलकर केजरीवाल सरकार ने रचा इतिहास. फिजूल के खर्चे पर अड़े हैं, वायदे और काम वैसे के वैसे पड़े हैं.
पोस्टर के जरिए मन की बात
बयानों के रास्ते अब लड़ाई पोस्टरों पर आकर टिक गई है. केजरीवाल सरकार जिस तरह अपने मन की बात पोस्टर पर कहती है ठीक उसी तरह अब बीजेपी भी पोस्टर से पलटवार कर रही है. केजरीवाल सरकार दिल्ली वालों की नजर में केंद्र सरकार को विलेन साबित करने की कोशिश कर रही है, तो वहीं, बीजेपी भी केजरीवाल सरकार को बेनकाब करने में जुटी है. मगर, सवाल ये है कि इस सियासी जंग से जनता को क्या फायदा हो रहा है?