नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में जल्द रोबोटिक सर्जरी शुरू होगी. इसके लिए डॉक्टरों की ट्रेनिंग जल्द शुरू कराई जाएगी. एम्स की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि रोबोटिक सर्जरी की ट्रेनिंग के लिए कवायद शुरू कर दी गई है. रोबोट द्वारा सर्जरी किया जाना मेडिकल टेक्नोलॉजी का सबसे लेटेस्ट तरीका है. एम्स ने इस टेक्नोलॉजी को अपनाया है.
एम्स ने कहा है कि रोबोटिक सर्जरी के लिए प्रशिक्षित फैकल्टी की संख्या बढ़ाने की जरूरत है, जिसके लिए कैंपस में ट्रेनिंग कराई जाएगी. ट्रेनिंग के लिए रोबोटिक सर्जरी सिस्टम तैयार करने वालों को आमंत्रित किया गया है. ट्रेनिंग के लिए एम्स में लगभग 500 वर्ग फीट की जगह के साथ-साथ अन्य सभी जरूरी चीजों को तैयार किया जाना है.
एम्स ने कहा है कि रोबोटिक सर्जरी सिस्टम तैयार करने वालों को आमंत्रित करने के लिए एक ईओआई जारी की जानी चाहिए, ताकि एम्स के कैंपस में ट्रेनिंग की सभी सुविधाओं को तैयार किया जा सके. एम्स के निदेशक ने इसके लिए तीन से छह महीने का समय दिया है.
एम्स में की जा रही विश्वस्तरीय ट्रेनिंग की व्यवस्था
देश में डॉक्टरों की चिकित्सा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली इस ट्रेनिंग की तैयारी में है. नई टेक्नोलॉजी पर ट्रेनिंग के लिए विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा.
एम्स नई दिल्ली के यूरोलॉजी विभाग के प्रो. अमलेश सेठ ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी नई तकनीक है. हम अपनी चिकित्सा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इस पर काम कर रहे हैं. हम एक विश्व स्तरीय रोबोटिक सर्जरी ट्रेनिंग फैसिलिटी तैयार करने के लिए प्रयासरत हैं, जिससे देश के डॉक्टरों को लाभ होगा.