दिल्ली को प्रवासियों का शहर कहा जाता है. कांवड़ के दौरान यूपी में फल और सब्जी बेचने वालों के नेम प्लेट लगाना के आदेश के बाद विवाद ने तूल भी पकड़ा. वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में वेस्ट दिल्ली के नजफगढ़ और ईस्ट दिल्ली के विनोदनगर में फल और सब्जी बेचने वाले दुकानदार नेम प्लेट और भगवा झंडा लगाने लगे हैं.
पड़ताल करने पर पता चला कि नजफगढ़ में दुकानदारों की नेम प्लेट पर नजफगढ़ मंडी व्यापार मंडल एसोसिएशन के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ ही दुकानदार का नाम, फोन नंबर और ठेले का नंबर लिखा मिला. एक ठेले वाले ने बताया कि कुछ लोगों के खराब काम से हम सबका नाम खराब होता है.
'किसी पर थोपा नहीं गया नेम प्लेट'
इस ड्राइव को लीड कर रहे नजफगढ़ के 127 वार्ड से बीजेपी पार्षद अमित खड़खड़ी ने कहा,'नेम प्लेट किसी पर थोपा नहीं गया है. इसमें मंडी समितियों की सहमति है, जिसकी रिपोर्ट इलाके के एसडीएम, दिल्ली पुलिस और एमसीडी को जाएगी. सुरक्षा के लिहाज से ये कदम उठाया गया है. बाद में इसे नवादा सब्जी मंडी और फिरनी रोड सब्जी मंडी में भी लागू किया जाएगा.'
'धार्मिक पहचान के लिए लगाए झंडे'
विनोद नगर इलाके की पड़ताल में फल और सब्जी बेचने वालों के यहां धार्मिक पहचान के लिए भगवा झंडे लगाए जा रहे हैं. इलाके के बीजेपी पार्षद रवि नेगी ने इसे जागरुकता अभियान बताया और कहा कि विनोद नगर वार्ड के ई-ब्लॉक, नालंदा चौक, श्रीराम चौक पर ये चल रहा है.
पेमेंट करते ही बदल जाती है पहचान
पार्षद रवि नेगी के मुताबिक दावा है कि त्योहारों के दौरान इलाके की आरड्ब्लूए और महिला कीर्तन मंडली ने शिकायत की थी कि जब वे पेमेंट करती हैं तो दुकानदार की पहचान बदल जाती है. ऐसे में सनातन की आस्था खतरे में पड़ रही है. इसलिए पूरी पटपड़गंज विधानसभा में ये अभियान जारी रहेगा. नेगी ने जोर देकर कहा कि एक जनप्रतिनिधि के नाते दुकानदारों और रेहड़ीवालों ने अपील की है कि दुकानदारों को भगवा झंडा लगाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम दुकानदारों के पास गए ही नहीं. हम उनके पास ही गए, जो सनातन धर्म का पालन करते हैं.
झंडे पर हनुमान जी की तस्वीर
जागरूकता अभियान में पार्षद नेगी खुद रेहड़ी-पटरी पर सब्जी, फल और खाने-पीने का सामान बेचने वाले दुकानदारों के धर्म की पहचान के लिए भगवा झंडे लगा रहे हैं. झंडे में हनुमान जी की तस्वीर बनी हुई है. नेगी का आरोप है कि खाने-पीने के सामान पर थूकना, गंदे पानी में सब्जियां धोना, गंदे फल बेचने की शिकायत इलाके से आ रही थी. विनोद नगर के एक दुकानदार ने कहा कि कई दशक से इलाके में सब्जी का ठेला लगा रहे हैं. लेकिन ऐसा पहले कभी जरूरत नहीं हुई कि पहचान भी बतानी पड़े.
कांग्रेस पार्षद ने खुलकर किया विरोध
वार्ड नंबर 189 (जाकिर नगर) से पार्षद और कांग्रेस दल की सदन में नेता नाजिया दानिश ने इस ड्राइव का खुलकर विरोध किया है. उन्होंने कहा,'बीजेपी धर्म और बांटने की राजनीति करती है. जबकि देश धर्म से नहीं संविधान से चलता है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में भी प्रतिबंध लगाया है, किसी भी दुकानदार को नाम बताकर बेचने की जरूरत नहीं है. कानून के दायरे में रहकर बेचने वाला किसी भी धर्म मजहब या क्षेत्र का हो सकता है. ये सिर्फ बीजेपी के वोट बैंक की राजनीति है, क्योंकि आने वाले वक्त में राजनीतिक रूप से बीजेपी का वजन हल्का होता जा रहा है. नाजिया दानिश का दावा है कि दूसरी पार्टियों यानी कांग्रेस सबको साथ लेकर चलने का वादा कर रही है. यही वजह है कि देश के नागरिकों का साथ कांग्रेस के हाथ है.'
बांटने की राजनीति कर रहे: AAP पार्षद
वहीं, वार्ड 105 (जनकपुरी) से आम आदमी पार्टी के पार्षद और जोन चेयरमैन प्रवीण कुमार का कहना है कि बीजेपी के सांसदों और पार्षदों ने दिल्ली में कोई काम नहीं किया. इसलिए यह बांटने की राजनीति कर रहे हैं. लोकसभा चुनाव में इन्होंने यही किया, जिसका परिणाम उत्तर प्रदेश में इनको मिल गया. अब दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी भाजपा नेताओं को हार का मुंह देखना पड़ेगा क्योंकि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली वालों के सामने शिक्षा और स्वास्थ्य का मॉडल पेश किया है.