संसद की सुरक्षा में चूक के मामले में बड़ी जानकारी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि संसद भवन तक 4 नहीं, बल्कि 5 लोग आए थे. इसमें से 4 लोगों को पुलिस न अरेस्ट कर लिया है. इसमें नीलम, मनोरंजन, सागर और अमोल शिंदे शामिल हैं. जबकि पांचवां आरोपी ललित झा था. इन चारों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन ललित को दे दिए थे. जैसे ही हंगामा शुरू हुआ. ललित मौके से फरार हो गया. ललित के पास चारों आरोपियों का मोबाइल फोन है. पुलिस अब ललित की तलाश में जुट गई है.
13 दिसंबर 2001 को हुए हमले की बरसी पर आज संसद में घुसपैठ की योजना बनाने के बाद अलग-अलग शहरों के 6 लोग गुरुग्राम के एक फ्लैट में एकत्र हुए थे. उनमें से दो - मनोरंजन डी और सागर शर्मा सार्वजनिक गैलरी से लोकसभा के चैंबर में कूद गए और धुआं-धुआं कर दिया. इससे सांसद में हड़कंप मच गया. जबकि उनके साथी नीलम और अमोल शिंदे ने कनस्तरों से कलरफुल गैस का छिड़काव किया और संसद भवन के बाहर जमकर नारेबाजी की.
कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले मनोरंजन डी ने 2016 में बीई (बैचलर इन इंजीनियरिंग) पूरा किया और परिवार के खेत की देखभाल कर रहे थे. उनके परिवार ने कहा कि उन्होंने दिल्ली और बेंगलुरु में कुछ फर्मों में भी काम किया. उन्होंने बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के कार्यालय से लोकसभा में एंट्री करने के लिए पास लिया और उत्तर प्रदेश के रहने वाले सागर शर्मा को एक दोस्त के रूप में पेश किया.
मनोरंजन के पिता देवराजे गौड़ा ने दावा किया कि उनका बेटा ईमानदार और सच्चा है और हमेशा समाज के लिए अच्छा करना चाहता था. उन्होंने कहा कि अगर मेरे बेटे ने गलत किया है तो उसे फांसी पर लटका दो. वह संसद हमारी है. आप जैसे लोगों ने इसे बनाया है. महात्मा गांधी और नेहरू जैसे नेताओं ने इसे बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी., जो कोई भी यह (हमला) करता है, वह निंदनीय है. हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे.
आरोपी सागर शर्मा लखनऊ के रामनगर का रहने वाला है. वह घर से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की कहकर निकला था. हालांकि उसके परिवार ने कहा कि वे संसद सुरक्षा उल्लंघन में उनकी संलिप्तता से अनजान थे. सागर शर्मा की बहन ने कहा कि मैंने अपने भाई को अपनी मां से यह कहते हुए सुना कि वह कुछ दिन पहले एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहा है. मेरा भाई ई-रिक्शा चलाता था और पहले बेंगलुरु में काम करता था.