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राजद्रोह कानून पर फिर से करेंगे विचार, केंद्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि राजद्रोह कानून पर पुनर्विचार किया जाएगा. सरकार की ओर से ये भी कहा गया है कि हम औपनिवेशिक कानूनों को हटाने पर काम कर रहे हैं.

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • औपनिवेशिक कानून हटाने के लिए कर रहे काम- सरकार
  • सुप्रीम कोर्ट में गृह मंत्रालय ने दायर किया 3 पेज का हलफनामा

केंद्र सरकार ने राजद्रोह कानून पुनर्विचार की बात कही है. पीएम मोदी ने राजद्रोह कानून के दुरुपयोग पर चिंता जताई है. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से राजद्रोह कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर विचार नहीं करने और केंद्र द्वारा पुनर्विचार की कवायद का इंतजार करने को कहा है. 

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केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में ये कहा गया है कि राजद्रोह कानून पर फिर से विचार किया जाएगा. इसकी फिर से जांच की जाएगी. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा है कि धारा 124 ए के प्रावधानों की फिर से जांच की जाएगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, सरकार औपनिवेशिक बोझ दूर करने के लिए काम कर रही है. केंद्र सरकार ने कहा है कि औपनिवेशिक कानून हटाने की दिशा में काम किया जा रहा है. सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में ये कहा गया है कि राजद्रोह कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर विचार न किया जाए.

कोर्ट को केंद्र सरकार की ओर से पुनर्विचार की कवायद पूरी होने तक इंतजार करना चाहिए. गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में तीन पेज का हलफनामा दायर किया है. गौरतलब है कि इस हलफनामे के बाद एक और हलफनामा दायर किया गया था. इस हलफनामे में सरकार ने केदारनाथ के मामले में हुए फैसले का हवाला दिया था. इस फैसले में कोर्ट ने राजद्रोह कानून को सही ठहराया था.

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