दिल्ली दंगो की साजिश के मुख्य आरोपियों में से एक जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के छात्र शरजील इमाम को सोमवार कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. शरजील इमाम की जमानत अर्जी कड़कड़डूमा कोर्ट ने खारिज कर दी है.
उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों में लोगों को उकसाने और भड़काने के आरोपियों में से एक शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय हो चुका है. सोमवार को कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील की जमानत याचिका पर सुनवाई की और उसे खारिज कर दिया. अदालत ने जांच एजेंसियों की इस दलील को माना कि मामले की मौजूदा हालात इमाम को जमानत पर रिहा करने के अनुकूल नहीं हैं.
शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय हो चुका है. इस मामले में शरजील इमाम की तरफ से निचली अदालत के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने भी दलील दी थी कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, शरजील इमाम को जमानत न दी जाए, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो आरोपित कानून की प्रक्रिया से बच सकता है और गवाहों को धमकी भी दे सकता है.
बता दें कि 24 जनवरी को पूर्वी दिल्ली की एक अदालत ने, शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह सहित आईपीसी की कई संगीन धाराओं में आरोप तय किए थे. इसके बाद कोर्ट ने कहा था कि दिसंबर 2019 में दिए गए उत्तेजक भाषणों के लिए शरजील इमाम को ट्रायल का सामना करना होगा.
शरजील इमाम पर आरोप है कि उसने अपने भाषण में असम को देश के बाकी हिस्से से जोड़ने वाले संकरे भूभाग यानी चिकेन नेक क्षेत्र को अलग करने की बात कही थी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शरजील के खिलाफ, अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) के तहत भी केस दर्ज किया था. इस पर शरजील का कहना था कि उसने केवल लोगों से शांतिपूर्ण ढंग से चक्का जाम करने की बात कही थी, लेकिन पुलिस ने शरजील के भाषण का वीडियो क्लिप कोर्ट में पेश करते हुए, आरोपों की पुष्टि की.