नोटबंदी के बाद दिल्ली के बड़े बाजारों में छोटे व्यापारियों के बिजनेस का हाल जानने के लिए 'आज तक' ने पुरानी दिल्ली का रुख कर ये जाना कि आखिर नोटबंदी के 35 दिन गुजर जाने के बाद व्यापार पर कितना असर पड़ा है, छोटे व्यापारियों के मुताबिक नोटबंदी से रोज की कमाई पर 60 फीसदी का घाटा हो रहा है.
चांदनी चौक सस्ती चीजों के लिए जाना जाता है. न सिर्फ दिल्ली बल्कि बाकी राज्यों से भी लोग यहां खरीददारी करने के लिए आते हैं. 'आज तक' की टीम ने एक ऐसी दुकान का दौरा किया, जहां 50 रुपए से लेकर 500 रुपए तक की सेल लगी हुई थी. यहां जीन्स, टीशर्ट, जैकेट, जूते, चप्पल, लेडीज सैंडल बेची जा रही थी. जब टीम दुकान पहुंची, तो सिर्फ कुछ कर्मचारी ही नजर आए, शादियों के सीजन में ऐसा सन्नाटा अपने आप में हैरान करने वाला था.
पिछले कई सालों से पुरानी दिल्ली में दुकानदारी कर रहे नसीम से जब 'आज तक' ने सवाल किए, तो पढ़िए क्या जवाब मिला.
सवाल: नोटबंदी का व्यापार पर कैसा असर है?
जवाब: 40 फीसदी काम घट गया है. इसके अलावा 6 लड़के दुकान में काम करते थे, जिनमें से 2 लड़कों को काम धंधा कम होने की वजह से हटा दिया. पहले 20 हजार की दुकानदारी होती थी, अब 4 हजार से 6 हजार की दुकानदारी रह गयी है.
सवाल: शादी के सीजन में कहां-कहां से लोग आते हैं?
जवाब: शादी के सीजन में दुकान में हरियाणा, राजस्थान से ग्राहक आते हैं. एक या दो नहीं पूरा का पूरा परिवार आता है. कोई बहन, तो कोई भांजी के लिए, ऐसे करके लोग 5 जोड़ी से 10 जोड़ी सामान इकट्ठे ले जाते थे.
नोटबंदी से दुकानदार ही नहीं दुकान में काम करने वाले कर्मचारी भी परेशान नजर आए. दुकान में काम करने वाले विष्णु ने बताया, 'मुझे फील्ड में काम करते काफी लंबा समय हो गया है, लेकिन ऐसी किल्लत कभी नहीं आई. बहुत ज्यादा परेशानी है. सैलरी वक़्त पर नहीं मिल पा रही है, पहले महीने की शुरुआत के 3 से 4 दिन में सैलरी मिल जाती थी, अब 15-15 दिन लग जाते हैं. घर में रोजाना की चीजों में दिक्कत आ रही है. बिजली का बिल, पानी का बिल नहीं दे पा रहे हैं.'
नोटबंदी की वजह से ऑनलाइन बैंकिंग को काफी तवज्जो दी जा रही है, लेकिन छोटे व्यापारी मशीन की जानकारी न होने की वजह से कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते. साथ ही ऑनलाइन पेमेंट में सर्विस चार्ज भी एक बड़ी परेशानी है.