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मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, दिल्ली जल बोर्ड टेंडर से जुड़ा है मामला

दिल्ली जल बोर्ड टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की चार्जशीट पर दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लिया है. स्पेशल जज भूपिंदर सिंह ने ईडी की तरफ से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया. मामला मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है जो कथित तौर पर दिल्ली जल बोर्ड टेंडर देने के दौरान हुआ था.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो

दिल्ली जल बोर्ड टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की चार्जशीट पर दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लिया है. स्पेशल जज भूपिंदर सिंह ने ईडी की तरफ से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया. मामला मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है जो कथित तौर पर दिल्ली जल बोर्ड टेंडर देने के दौरान हुआ था. ईडी ने चार्जशीट में जगदीश अरोड़ा, अनिल अग्रवाल और चार्टर्ड अकाउंटेंट तेजेंद्र सिंह के साथ अन्य लोगों को आरोपी बनाया है. 

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ईडी के मुताबिक जांच में पता चला कि मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने जाली/नकली/झूठे दस्तावेज जमा करके बोली हासिल की. ​​जगदीश कुमार अरोड़ा, इस तथ्य से अवगत हैं कि कंपनी निविदा की मंजूरी के लिए तकनीकी मानदंडों को पूरा नहीं करती है. ईडी ने यह भी कहा था कि मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने अनिल कुमार अग्रवाल की स्वामित्व वाली फर्म मेसर्स इंटीग्रल स्क्रूज लिमिटेड को काम का ठेका दिया था.

ईडी ने यह भी कहा था कि दिल्ली जलबोर्ड को मिलने वाले 24 करोड़ रुपये के भुगतान में से केवल लगभग 14 करोड़ रुपये कांन्टैक्ट के काम पर खर्च किए गए और शेष राशि रिश्वत के रूप में खर्च कर दी गई. ईडी ने यह भी बताया कि जगदीश कुमार अरोड़ा को 3.19 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली, जिसमें से उन्होंने 2 करोड़ रुपये दिल्ली जल बोर्ड के अन्य अधिकारियों और आम आदमी पार्टी को चुनाव के खर्च के लिए ट्रांसफर कर दिए.

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