दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कैंसर से पीड़ित मरीजों को ठगने वाले और उन्हें महंगी कीमत पर दवा के नाम पर फंगल इन्फेक्शन की दवा बेचने वाले 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. पिछले एक महीने में दिल्ली पुलिस ने केस से जुड़े पचास से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोपियों के खिलाफ 11 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की.
जिन लोगों के बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं, उनमें आठ ऐसे पीड़ित हैं, जिन्होंने इन ठगों से दवा खरीदी थी. इनमें एक परिवार ऐसा है जिसने अपने को खोया है. बिहार के मधुबनी की रहने वाली एक महिला को मुंह और फेफड़ों का कैंसर था परिवार वालों ने इस गैंग से चार इंजेक्शन 3 लाख 60 हजार में खरीदा था. बाद में महिला की मौत हो गई थी.
कैंसर की नकली दवा बेचने वाले आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
पुलिस के मुताबिक आरोपी कैंसर की जीवन रक्षक दवा की शीशी में नकली दवा भरकर मरीजों को बेचते थे. शुरुआत में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था. उनके नाम विफल जैन, सूरज शत, नीरज चौहान, परवेज, कोमल तिवारी अभिनय कोहली और तुषार चौहान है. इनमें से नीरज गुरुग्राम का रहने वाला है जबकि अन्य 6 दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रहते हैं.
पुलिस ने आरोपियों के पास से कैंसर की कुल 9 ब्रांड्स की नकली दवाइयां बरामद की. इनमें से सात दवाइयां तो विदेशी ब्रांड्स की हैं, जबकि दो भारत में बनाई जाने वाली दवाइयां हैं. चार्जशीट में दर्ज है कि आरोपी अस्पताल में मरीजों को कीमोथेरेपी में जो इंजेक्शंस दिए जाते थे उनकी खाली शीशी जुटाते थे, फिर उन शीशियों में एंटी फंगल दवा भरकर बेचते थे. आरोपियों के टारगेट पर दिल्ली में बाहर से इलाज करने आने वाले मरीज होते थे. खासतौर से हरियाणा, बिहार, नेपाल और अफ्रीका देश से आने वाले मरीजों को अपना शिकार बनाते थे.
आरोपी दिल्ली से बाहर आने वाले मरीजों को करते थे टार्गेट
शुरुआती जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई. जिन्होंने चार अलग-अलग जगह पर रेड की थी. जहां से इस पूरे नेटवर्क को चलाया जा रहा था. दिल्ली के मोती नगर का डीएलएफ कैपिटल ग्रीन्स, दूसरा इलाका था गुड़गांव का साउथ सिटी, तीसरा दिल्ली का यमुना विहार और एक हॉस्पिटल के कर्मचारियों पर.
दिल्ली पुलिस की टीम सही जानकारी के बाद डीएलएफ कैपिटल ग्रीन्स पहुंची थी. यह इस रैकेट का सबसे महत्वपूर्ण ठिकाना था. पुलिस के मुताबिक यहां पर विफल जैन कैंसर की नकली दवाइयां को बनाता था. विफल ही इस पूरे गैंग का सरगना भी था. पुलिस के मुताबिक इसने डीएलएफ ग्रीस में दो ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स किराए पर ले रखे थे. यहां पर यह पुरानी जुटा हुई कैंसर दवाइयां की शिशियों में नकली दवाई बनाकर भरता था.
इसका दूसरा साथी सूरज भरी हुई शिशियों को अच्छी तरीके से पैक करता था ताकि किसी को शक ना हो. रेड के दौरान पुलिस को 140 भरी हुई शिशियां बरामद हुईं. इन शीशियां पर ओपडाटा, कीट्रूडा, डेक्सट्रोज, फ्लुकोनाज़ोल ब्रांड नाम लिखा था. ये इन ब्रांड्स के शीशी को इकट्ठा कर उनके अंदर नकली कैंसर की दवा भरते थे. जांच के मुताबिक इन शीशियों में एंटी फंगल दवा होती थी.
इसके अलावा पुलिस ने इस जगह से 50 हजार कैश, 1000 अमेरिकी डॉलर, शीशी के कैप को सील करने वाली तीन मशीन, एक हीट गन मशीन और 197 खाली शीशी बरामद की है. साथ ही साथ पैकेजिंग से जुड़े और भी नकली सामान पुलिस को उनके अड्डे से मिले. नकली दवा से भरी शीशियों की कीमत एक करोड़ 75 लाख बताई जा रही है.
गैंग का सरगना विफल जैन पुलिस की गिरफ्त में
जब पुलिस की टीम साउथ सिटी गुड़गांव पहुंची तो नीरज चौहान को पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली कैंसर इंजेक्शन और शीशियों के साथ गिरफ्तार किया. पुलिस को उसके पास से 137 नकली कैंसर के इंजेक्शन जिनके नाम Keytruda, Infinzi, Tecentriq, Perjeta, Opdyta, Darzalex & Erbitux थे. इसके अलावा पुलिस के पास से 519 खाली शीशी Keytruda, Infinzi, Tecentriq, Perjeta, Opdyta, Darzalex & Phesgo ब्रांड्स की दवाइयां बरामद की है. इतना ही नहीं पुलिस ने 864 खाली पैकेजिंग बॉक्स भी बरामद किया है. नीरज चौहान से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके चचेरे भाई तुषार चौहान को भी गिरफ्तार किया. तुषार चौहान सप्लाई चैन का हिस्सा था.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से 137 भरी हुई शीशियां जो बरामद हुई है यह अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की है, जिनकी कीमत दो करोड़ 15 लाख रुपये है. इनके नाम कीट्रूडा, इन्फ़िनज़ी, टेसेंट्रिक, पेरजेटा, ओपडाटा, डार्ज़लेक्स और एर्बिटक्स है. पुलिस ने इनके पास से 89 लाख रुपये कैश और 1800 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किया है. इतना ही नहीं नीरज ने कैश काउंटिंग मशीन भी रखी हुई थी जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है.
आरोपियों के पास से खाली शीशियों के साथ डॉलर बरामद किए
यमुना विहार से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रवेश नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया जो कैंसर के इंजेक्शन की खाली शीशियां सफल और उसके साथियों को बरामद करवाता था. पुलिस ने परवेज के पास से 20 खाली शीशी भी बरामद की है.
परवेज से पूछताछ करने के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने दिल्ली के बड़े कैंसर अस्पताल में छापेमारी की और वहां से पुलिस ने कोमल तिवारी और अभिनय कोहली को गिरफ्तार किया. यही दोनों खाली और आधी खाली कैंसर के इंजेक्शन की शीशी परवेज को देते थे. ये दोनों हॉस्पिटल के Cytotoxic Admixture यूनिट में काम करते थे. यह एक खाली शीशी का पांच हजार रुपये तक चार्ज किया करते थे.