राजधानी दिल्ली के बदरपुर इलाके में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान नीचे उतरे तीन में से दो लोगों की जहरीली गैस की वजह से मौत हो गई है, जबकि एक अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है. मृतकों में एक बिल्डिंग का मालिक है, जिसका नाम सतीश चावला है. सतीश, सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे दो लोगों के बेहोश होने के बाद उनकी जानकारी लेने के लिए टैंक में नीचे उतरे थे, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए.
पुलिस के मुताबिक बदरपुर इलाके में सतीश चावला का चार मंजिला मकान है. सतीश ने मकान किराए पर दिया हुआ था. शनिवार शाम को सतीश ने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए तीन मजदूरों को बुलाया गया था. देवेंद्र नाम का मजदूर मैनुअल तरीके से टैंक की सफाई करने उतरा और गैस ज्यादा होने की वजह से अंदर बेहोश हो गया.
देवेंद्र को देखने के लिए ठेकेदार मनोज अंदर उतरा लेकिन वो भी टैंक के अंदर जहरीली गैसों के प्रभाव से बेहोश हो गया. जिसके बाद देवेंद्र और मनोज को बाहर निकालने के लिए मकान मालिक सतीश खुद सेप्टिक टैंक में उतरे और वो भी बेहोश हो कर अंदर ही फंस गए.
बाद में जब लोगों को तीनों के सेप्टिक टैंक में फंसने की खबर मिली तो हंगामा मच गया. आसपास के लोगों ने मिलकर तीनों को टैंक से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल ले गए. जहां पर डॉक्टरों ने मकान मालिक सतीश और मजदूर देवेंद्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि ठेकेदार मनोज की हालत गंभीर बनी हुई है.