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JNU केस: देश विरोधी नारेबाजी में सामने आया दो और छात्रों का नाम

जेएनयू कैंपस में हुए 9 फरवरी के कार्यक्रम की जांच कर रही एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट में देश विरोधी नारे लगाने के लिए दो और छात्रों का नाम सामने आया है. रिपोर्ट में मुजीब गट्टू और मोहम्मद कादिर का नाम भी है, जो कैंपस से लापता हैं.

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JNU में देश विरोधी नारेबाजी
JNU में देश विरोधी नारेबाजी

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जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में देश विरोधी नारेबाजी की घटना में एक नया मोड़ आया है. अभी तक इस मामले में सिर्फ कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत पांच लोगों का नाम लिया जा रहा था. अब इस मामले में नौ और छात्रों के शामिल होने की बात सामने आई है.

कैंपस से लापता हैं आरोपी छात्र
कैंपस में हुए 9 फरवरी के कार्यक्रम की जांच कर रही एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट में कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाने के लिए दो और छात्रों का नाम सामने आया है. रिपोर्ट में मुजीब गट्टू और मोहम्मद कादिर का नाम भी है, जो कैंपस से लापता हैं.

नौ और छात्र नारेबाजी में शामिल
संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के विरोध में जेएनयू कैंपस में 9 फरवरी, 2016 को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, हालांकि यूनिवर्सिटी ने इस कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी थी. जांच समिति की रिपोर्ट के मुताबिक गट्टू और कादिर को भारत विरोधी नारेबाजी करने वाले बाहरी लोगों के करीब देखा गया. उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य के अलावा नौ और छात्र नारेबाजी में शामिल थे.

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पांच सदस्यों के पैनल की रिपोर्ट
यह रिपोर्ट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर राकेश भटनागर की अध्यक्षता में पांच सदस्यों के पैनल ने बनाई है. प्रोफेसर ने कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि जेएनयू के छात्रों ने बाहरी लोगों को कैंपस में बुलाया और देश विरोधी नारे लगाए. पैनल की रिपोर्ट में कैंपस में सुरक्षा की खामियों पर भी सवाल उठाया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक नारेबाजी के दौरान न तो लोगों को नारे लगाने से रोका गया और न ही उन्हें कैंपस से निकालने की कोशिश की गई.

वीडियो क्लिप में नारे लगाते दिखा गट्टू
रिपोर्ट में बताया गया है कि नारेबाजी कर रहे छात्रों के समूह ने ज्यादातर समय तक अपना चेहरा कपड़े से छिपाए रखा. वे 'कश्मीर की आजादी तक, जंग रहेगी, जंग रहेगी' और 'गो इंडिया, गो बैक' जैसे नारे लगा रहे थें. बाहरी लोगों के अलावा जेएनयू का एक छात्र मुजीब गट्टू को भी वीडियो क्लिप में नारे लगाते देखा गया. दूसरा छात्र मोहम्मद कादिर उस दौरान गट्टू के काफी करीब था.

मां से मिलने कश्मीर गया कादिर
गट्टू और कादिर अपने कमरे में नहीं हैं. एक छात्र ने बताया कि घटना के बाद से ही दोनों को कैंपस में नहीं देखा गया. सोशल साइंस के छात्र गट्टू ने साल 2012 में जेएनयू में एडमिशन लिया था और उसका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था. जबकि, कादिर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) का सदस्य रहा और वह जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है. जानकारी के मुताबिक कादिर अपनी मां से मिलने कश्मीर गया हुआ है.

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उमर और अनिर्बान पर लगा आरोप
विवादित कार्यक्रम में बाहरी लोगों की भागीदारी और छात्रों की मौजूदगी पर जांच कर यूनिवर्सिटी पैनल ने उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का दोषी पाया है. छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर कोई खास आरोप नहीं लगा है.

कैंपस में लगाए गए नारे
यूनिवर्सिटी रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस वीडियो क्लिप में दिखे नाकाबपोश बाहरी लोगों की पहचान नहीं कर सकी और कादिर और गट्टू का पता भी नहीं लगा पाई है. रिपोर्ट में दर्ज नारे हैं-
'कश्मीर के लोग संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं
अफजल गुरु जिंदाबाद
मणिपुर मांगे आजादी, नागालैंड मांगे आजादी, कश्मीर मांगे आजादी
कश्मीर की आजादी तक, जंग रहेगी, जंग रहेगी
हिंदुस्तान की बर्बादी तक, जंग रहेगी, जंग रहेगी
हम क्या मांगे आजादी, बंदूक से लेंगे आजादी, छीन के लेंगे आजादी
एक अफजल मारोगे, हर घर से अफजल निकलेगा'

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