राजधानी दिल्ली में एक अजब मामला सामने आया है. यहां दो युवक खुद को आईएएस और सांसद का प्रतिनिधि बताकर सीधे एलजी आवास में दाखिल हो गए. दोनों ने ही एलजी आवास के कर्मचारियों पर धौंस जमाने की कोशिश भी की. मामला संदिग्ध लगने पर एलजी आफिस के स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद जांच हुई तो दोनों की पोल खुल गई और पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया है.
दोनों आरोपी अरेस्ट
फिलहाल दोनों आरोपियों को सिविल लाइंस पुलिस ने गलत पहचान बताने की धारा में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के अनुसार बुधवार को सिविल लाइंस स्थित एलजी आवास के सामने एक कार रुकी. गेट पर तैनात एएसआई किरनपाल ने कार में बैठे शख्स से आने का कारण पूछा. चालक की सीट के बगल में बैठे शख्स ने खुद को आईएएस अभिमन्यु सेठी बताया और कहा कि वह पीएमओ में पदस्थ है. अभी वह एलजी साहब से मिलने के लिए आया है. इसपर एएसआई ने एलजी स्टाफ से बात की फिर निर्देश के अनुसार कार में बैठे दोनों शख्स को एलजी आफिस वाले प्रवेशद्वार पर जाने के लिए कहा.
खुद को बताया फर्जी आईएएस और पीए
एफआईआर के अनुसार, अनुमति मिलने पर दोनों युवक आफिस के रिसेप्शन पर पहुंचे. इस बार दूसरे युवक ने खुद का नाम अभिषेक बताया और कहा कि वह दिल्ली से सांसद का पीए है. वहीं अभिमन्यु सेठी का परिचय आईएएस के तौर पर दिया. दोनों ने एलजी से मिलवाने के लिए कहा. इसके बाद दोनों को पीएसटीओ एलजी आफिस भेज दिया गया, लेकिन बातचीत के दौरान दोनों संदिग्ध लगे. इसके बाद सिविल लाइंस थाने के एसएचओ राजीव कुमार को सूचना दी गई. साथ ही स्थानीय पुलिस के आने पर दोनों को सौंप दिया गया.
पुलिस ने किया गिरफ्तार
सचिवालय कर्मचारियों द्वारा सत्यापन करने पर तथ्य असत्य पाए गए और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई के लिए पीएस सिविल लाइन्स में एक शिकायत प्राप्त हुई. संदिग्धों से संयुक्त पूछताछ की गई, जिसमें किसी आतंकी एंगल से जुड़ी कोई बात सामने नहीं आई. कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आईपीसी की धारा 391/23 us 429/34 के तहत केस दर्ज किया गया है.इसके बाद दोनों संदिग्धों की गिरफ्तारी की गई.
मुलाकात का मकसद
पुलिस के बयान के मुताबिक, 'एक आरोपी अभिमन्यु सेठी (41) निवासी जाजापुर, उड़ीसा के रूप में हुई है. दूसरे आरोपी की पहचान अभिषेक चौधरी (27 वर्ष) के रूप में हुई है जो दिल्ली के गोकुलपुरी का रहने वाला है. दोनों संदिग्धों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी.दोनों सोच रहे थे कि वे वेश बदलकरर एलजी से मिलेंगे और फिर रूतबा दिखाकर आसानी से पैसा कमाने के लिए एलजी के साथ अपनी तस्वीरों का दुरुपयोग करेंगे.आगे की जांच जारी है.'