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'मुसलमानों के लिए अलग राष्ट्र बनाने की बात कही थी', Umar Khalid की बेल का विरोध

उमर खालिद (Umar Khalid) की जमानत याचिका पर कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई हुई थी. इसमें दिल्ली पुलिस के वकील ने अपना पक्ष रखा और जमानत का विरोध किया.

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उमर खालिद (फाइल फोटो)
उमर खालिद (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में साल 2020 में दंगे हुए थे
  • उमर खालिद उन दंगों की साजिश रचने वाले आरोपियों में शामिल हैं
  • उमर खालिद को करीब डेढ़ साल पहले गिरफ्तार किया गया था

दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में आरोपी उमर खालिद (Umar Khalid) की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई. इस दौरान दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर (SPP) अमित प्रसाद ने उमर खालिद की जमानत याचिका का विरोध किया. फिलहाल विशेष लोक अभियोजक (SPP) की दलीलें पूरी हो गई हैं. वरिष्ठ वकील अमित प्रसाद ने इस मामले पर बुधवार को भी अपना पक्ष रखा था. अब कड़कड़डूमा कोर्ट में मामले पर अगली सुनवाई 7 फरवरी को होगी.
 
अमित ने कहा कि आपराधिक साजिश और UAPA के मामले में उमर खालिद को जमानत नहीं मिलनी चाहिए. अमित प्रसाद ने कहा कि उनके पास वह गवाह भी है जिसने बताया कि आरोपी ने कहा था कि मुसलमानों के लिए अलग राष्ट्र बनाना है.

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अमित प्रसाद ने कहा कि दिल्ली दंगों के दौरान जान-माल का नुकसान हुआ है. गोलियां, घातक हथियार, जहरीले पदार्थ सभी का इस्तेमाल किया गया है. कहा गया कि इस मामले में भारत की एकता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले सभी कार्य किए गए हैं. वह बोले कि उमर खालिद पर UAPA इन सभी बातों को ध्यान में रखकर लगाया गया क्योंकि पेट्रोल बम, हथियार, गोलियों आदि का इस्तेमाल भारत की संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करने के लिए हुआ था.

वाइट मनी को ब्लैक बना रहे थे ताहिर हुसैन!

दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन का भी कोर्ट में जिक्र आया. अमित प्रसाद ने दावा किया कि पुलिस को ऐसे सबूत भी मिले हैं जिससे पता चलता है कि ताहिर हुसैन वाइट मनी को ब्लैक बना रहे थे. वह बोले कि अकसर हम ऐसा नहीं सुनते की कोई अपने एक नंबर के पैसे को दो नंबर के पैसों में बदले, लेकिन इसके सबूत हैं. कहा गया कि ऐसा माना जा रहा है कि यह फंड हिंसा भड़काने के लिए इस्तेमाल होना था.

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पहले की सुनवाई में हुआ था 9/11 हमलों का जिक्र

दिल्ली पुलिस के वकील ने पिछली सुनवाई में दिल्ली में हुए दंगों की तुलना अमेरिका में हुए सबसे खतरनाक आतंकी हमले से की थी. अमित ने कोर्ट में कहा था कि जैसे अमेरिका में हुए 9/11 हमलों के पहले सभी आतंकियों को बकायदा ट्रेनिंग दी गई थी और हमले को अंजाम देने से पहले सभी अपने-अपने ठिकाने पर पहुंच गए थे. ठीक ऐसा ही दिल्ली दंगों के दौरान भी हुआ.

बता दें कि दिल्ली दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. उमर खालिद और कई अन्य लोगों को अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) के तहत कार्रवाई की गई है.

 

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