केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को हमेशा बजट के फंड का सही हिस्सा मिला है. इसके लिए शायद राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. यूपीए और एनडीए के वक्त में रेलवे बजट की तुलना करें तो हमने रेलवे को बजट में 6362 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
दरअसल, शनिवार को तमिलनाडु के सीएम स्टालिन पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक के बहिष्कार के बारे में बोलते हुए कहा कि वह बजट 2024-25 में तमिलनाडु के प्रति दिखाए गए भेदभावपूर्ण रवैये के चलते न्याय की मांग के लिए जन मंच पर बोलने को मजबूर हैं.
स्टालिन ने लगाए गंभीर आरोप
स्टालिन ने एक बयान में कहा कि 37,000 करोड़ रुपये की आपदा राहत और चेन्नई मेट्रो रेल के दूसरे चरण के लिए निधि दिए जाने की राज्य की अपील पर ध्यान नहीं दिया गया. भाजपा राजनीतिक मकसद से सरकार चला रही है. 23 जुलाई को पेश किया गया बजट इसका सबूत है. हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में कई राज्यों की जनता ने भाजपा को हराया. केंद्रीय वित्त मंत्री (निर्मला सीतारमण) द्वारा पेश किया गया बजट भाजपा का बहिष्कार करने वाले राज्यों और लोगों के खिलाफ बदले की भावना से किया गया काम लगता है.
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि सभी भारतीयों के कल्याण के लिए बजट बनाने के बजाय सीतारमण ने ‘इंडिया ब्लॉक’ को वोट देने वालों से बदला लेने के लिए बजट तैयार किया है.
'तमिलनाडु को बजट में मिला है हमेश अच्छा फंड'
स्टालिन के इस बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि बजट में हमेशा तमिलनाडु को उचित हिस्सा मिलता है. तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट सबसे अधिक है. जब यूपीए, यूपीए 2 सत्ता में थी और अब एनडीए सरकार के तहत राज्य को मिलने वाले रेलवे बजट की तुलना करें तो तमिलनाडु के लिए औसत रेलवे आवंटन 879 करोड़ रुपये थे. इस बजट में रेलवे का आवंटन 6362 करोड़ है.
उन्होंने स्टालिन से पूछा कि क्या डीएमके बजट में बढ़ोतरी का विरोध कर रही है? क्या आप हमारे रुपये ज्यादा देने का विरोध कर रहे हैं? हमने तमिलनाडु के लिए 6 वंदे भारत ट्रेन दी हैं. यहां तक कि मेरे राज्य में भी दो ही ट्रेनें मिली हैं. शायद मुझे तमिलनाडु के खिलाफ विरोध करना चाहिए, पीएम मोदी तमिल लोगों को पसंद करते हैं. काशी-तमिल संगमम का उनका विचार था. आज हम सभी देशों के साथ समान संबंध रखते हैं.
सरकार में नहीं होता कोई पक्षपात: केंद्रीय मंत्री
बजट पर डीएमके के विरोध पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में अन्य राज्यों को तमिलनाडु के खिलाफ विरोध करना चाहिए, क्योंकि राज्य को एनडीए सरकार के तहत कई प्रोजेक्ट और अच्छा-खासा फंड मिला है. इस सरकार के तहत कोई पक्षपात नहीं हो रहा है. हर राज्य को उनका हक मिल रहा है. हमें बजट का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए.