लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण जनवरी के महीने में भी देश के कई इलाकों में धुंध जल्दी खत्म हो जा रहा है. इस मामले में दिल्ली सबसे ऊपर है जहां, प्रदूषण ने मौसम को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. दिल्ली में पिछले 17 सालों के मुकाबले इस साल की सर्दी में कोहरा सबसे कम है. इस बात का खुलासा नासा द्वारा सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों से हुआ है.
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर कोहरे की सघनता में भारी कमी देखी गई है. अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन के जियोफिजिकल रिसर्च लेटर जर्नल की एक रिपोर्ट में 'अर्बन हीट आईलैंड ओवर दिल्ली पंचेज होल्स इन वाइड्स्प्रेड फॉग इन द इंडो-जेनेटिक प्लेन्स' नाम का रिसर्च पेपर छपा है. यह रिसर्च रिपोर्ट आईआईटी मुंबई और देहरादून स्थित, यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज ने यह रिपोर्ट तैयार की है.
यह रिपोर्ट नासा के 17 सालों के उपग्रह डेटा का विश्लेषण कर तैयार किया गया है. 8 जनवरी को छपी इस रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण का ज्यादातर असर और कोहरे में कमी शहरी क्षेत्रों में ही देखा गया है. शोधकर्ताओं का कहना है कि दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है. एक ही छेत्र के बड़े इलाके में कोहरा छंटने की इस प्रक्रिया को रिसर्च कर रहे प्रोफेसर्स ने फॉग होल नाम दिया है.
दो लोगों की टीम ने पाया कि दिल्ली में जनवरी में 90 से ज्यादा फॉग होल हो गए हैं. आकाश ने दिल्ली को देखने पर ऐसा लगता है मानो कोहरे में बड़ा सा छेद कर दिया गया हो. दिल्ली का ये क्षेत्र 700 स्क्वॉयर किलोमीटर का है जो कि सबसे अधिक है.
वहीं 2006 से 2016 के बीच कोहरे में 50 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है. शोधकर्ताओं ने तेजी से हुए शहरीकरण को कोहरे में आई कमी का कारण बताया है. शोधकर्ताओं ने कहा कि शहर की गर्मी कोहरे को जला दे रही है जिसकी वजह से ग्रामीण इलाके के मुकाबले शहर का तापमान 4 से 5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया.
शहरों में तेजी से हो रहे निर्माण, बढ़ रहे शहरीकरण, ग्रीन लेयर में गिरावट और कंक्रीट से तैयार हो रही संरचनाओं के कारण जमीन की गर्मी सतह के अंदर ही फंस कर रह जाती है.
शोध में पाया गया कि प्रदूषण के कारण आई कोहरे में कमी इंडो-गंगेटिक प्लेन के इलाके जैसे उत्तर भारत, नेपाल, बंग्लादेश और पाकिस्तान के लिए गंभीर समस्या बन गया है. रिपोर्ट के अनुसार, एशिया, यूरोप और अमेरिका के ज्यादा जनसंख्या वाले क्षेत्रों में कोहरा जल्दी छंट जाता है.
शोधकर्ताओं के मुताबिक, प्रदूषण के कारण कोहरा नहीं बन पा रहा. दिल्ली में ज्यादा प्रदूषण वाले इलाकों में कोहरा तेजी से छंट जाता है. उदाहरण के तौर पर देखें तो राजधानी में साउथ एक्स, आरके पुरम और पंजाबी बाग जैसे क्षेत्रों में कोहरा बहुत देर से बनता है और जल्दी खत्म हो जाता है. हालांकि, दिल्ली में अरावली की पहाड़ी वाले क्षेत्रों में कोहरा जल्दी नहीं छंटता.