दिल्ली में मानसून की दस्तक से मौसम सुहावना हो गया है लेकिन बारिश अपने साथ अनचाही मुश्किलें भी लेकर आती है. बारिश से दिल्ली वालों को गर्मी में राहत मिली है लेकिन जलभराव की समस्या और बढ़ती जा रही है. जलभराव से सड़को का बुरा हाल है, जिसकी वजह से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
बारिश से पहले नेताओं और अधिकारियों की ओर से नालों की सफाई को लेकर किए किए दावों को सड़कों पर होने वाला जलभराव मुंह चिढ़ाने का काम कर रहा है. कई सड़कें और इलाके ऐसे हैं, जहां पर बारिश होने के कई दिन बाद भी पानी भरा हुआ है. लेकिन नेता और अधिकारी जलभराव से कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं. दिल्ली में गीता कॉलोनी, गाजीपुर, सीलमपुर, मंडावली, मयूर विहार सहित कई ऐसे इलाके हैं, जहां पर जलभराव से लोगों का बुरा हाल है.
यमुनापार के गीता कॉलोनी इलाके में लोग जलभराव से काफी परेशान हैं. लोगों का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी हालात नहीं बदले और सरकारों ने इस समस्या को नजरअंदाज किया है. हालत यह है कि बारिश होते ही लोग मुसीबतों से घिर जाते हैं. कुछ का कहना है कि ये परेशानी करीब तीन सालों से है जब भी बारिश होती है सड़के लबालब पानी से भर जाती हैं.
सड़कों पर गड्ढे और उसपर जलभराव वाहनों के लिए किसी काल से कम नहीं है. आए दिन इन इलाकों में कई वाहन खराब हो जाते हैं. बीच सड़क पर वाहनों के खराब हो जाने कई बार लंबा जाम भी लगा रहता है. दिल्ली सरकार और एमसीडी की ओर नालों की सफाई और जलभराव से मुक्ति दिलानों की बातें तो कही गईं लेकिन सड़क पर आते हैं यह सबसे बातें खोखली साबित हुई हैं.