दुनिया के खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लिए रकम जुटाने और इसमें युवाओं की भर्ती करने की साजिश रचने के आरोपी अजहर उल इस्लाम (24) और फरहान शेख (25) ने अपना गुनाह कबूल लिया है. दिल्ली की विशेष अदालत के समक्ष गुनाह कबूलते हुए आरोपियों ने कहा कि वे गलती से आईएस से जुड़ गए थे. उन्हें इसके लिए पछतावा है. अब वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं. लिहाजा अब उनको माफ कर दिया जाए.
आरोपी अजहर अल इस्लाम जम्मू एवं कश्मीर का रहना वाला है, जबकि फरहान शेख महाराष्ट्र का रहना वाला है. इन्होंने अपने खिलाफ अदालत की ओर से आरोप तय किए जाने के एक महीने बाद पलटी मारी. जिला न्यायाधीश अमर नाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) को नोटिस जारी करके 10 अप्रैल तक जवाब मांगा है. वकील एमएस खान के जरिए दायर याचिका में कहा गया कि आरोपियों को अपने खिलाफ लगे आरोपों पर पछतावा है.
आरोपियों ने दावा किया कि उनके खिलाफ इससे पहले कोई आपराधिक मामला नहीं है. अब वे समाज के मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं. साथ ही समाज के हित में काम करना चाहते है और फिर से नई जिंदगी शुरू करना चाहते हैं. आरोपियों की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ताओं ने बिना किसी दबाव, धमकी या प्रभाव में आए गुनाह कबूलते हैं. लिहाजा अब उनको समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर प्रदान किया जाए.
जनवरी में कोर्ट ने केस चलाने का किया था फैसला
विशेष अदालत के न्यायाधीश अमर नाथ ने आईएस से जुड़े शेख अजहर उल इस्लाम और मोहम्मद फरहान शेख पर आपराधिक साजिश के तहत कथित अपराधों और गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने का फैसला किया था. एनआईए ने पिछले साल 28 जनवरी को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.