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दिल्ली: रोड पर चलने की क्या होनी चाहिए स्पीड? जानें कैसे और कौन करता है तय

इंडिया टुडे ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में एक आरटीआई दायर कर यह पता लगाया कि शहर की सड़कों पर गति सीमा कौन तय करता है. RTI में यह भी सवाल किया गया कि सीमा तय करते समय किन मापदंडों पर विचार किया जाता है और गति सीमा की कितनी बार समीक्षा की जाती है.

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दिल्ली की सड़कों पर स्पीड लिमिट में किया गया है बदलाव. (तस्वीर-PTI)
दिल्ली की सड़कों पर स्पीड लिमिट में किया गया है बदलाव. (तस्वीर-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सड़कों की हालत के आधार पर तय होती है स्पीड लिमिट
  • सड़कों की स्थिति पर ट्रैफिक पुलिस तैयार करती है रिपोर्ट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वाहनों की स्पीड लिमिट में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को बदलाव किया है. दोपहिया वाहन, गाड़ी, ट्रकों और अलग-अलग वाहनों के लिए अलग-अलग स्पीड लिमिट तय की गई है. 2011 के बाद से शहर में स्पीड लिमिट में किया गया यह पहला बदलाव है.

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इंटीरियर रोड पर कारों की गति सीमा 50 किमी प्रति घंटा तय है. यहा  काफी हद तक पुराने ढर्रे पर ही है, जबकि आवासीय क्षेत्रों में गाड़ियों की स्पीड लिमिट में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 30 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है. कुछ सड़कों पर गति सीमा 50 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 60 किमी प्रति घंटे कर दी गई है. ये वही सड़कें हैं, जिन्हें हाल के वर्षों में चौड़ा या सिग्नल-मुक्त बनाया गया है.

इसके अलावा, पहली बार, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दोपहिया वाहनों के लिए अलग से सीमा निर्धारित की है. अब सवाल यह है कि दिल्ली की सड़कों पर स्पीड लिमिट कौन तय करता है? वे कौन से पैरामीटर हैं जिन पर ये सीमाएं तय की गई हैं?

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सवाल ये भी हैं कि क्या दिल्ली पुलिस समय-समय पर मौजूदा स्पीड लिमिट की समीक्षा करती है? अगर हां, तो इसे किस अंतराल पर किया जाता है. इन सवालों के जवाब जानने के लिए इंडिया टुडे ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में सूचना का अधिकार (RTI) अनुरोध दायर किया.
 
स्पीड लिमिट कौन करता है तय?

आरटीआई के जवाब में, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा किसी भी क्षेत्र विशेष में स्पीड लिमिट तय करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी वहां की सड़कों की स्थिति, रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रैफिक सेनेरियो और जमीनी हकीकत का ब्यौरा देते हैं. उसके आदार पर दिल्ली की ट्रैफिक पुलिस स्पीड लिमिट को लेकर नोटिफिकेशन जारी करती है.

ट्रैफिक पुलिस का लेटर.


इसका मतलब है कि स्पीड लिमिट ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों की सिफारिशों पर तय की जाती है जो सड़कों की माली हालत, ट्रैफिक सेनेरियो और सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा जैसे विषयों पर विचार करते हैं.

स्पीड लिमिट की किस अंतराल पर होती है समीक्षा?

स्पीड लिमिट कितने दिनों में बदली जाएगी या कितने दिनों बाद समीक्षा होती है, इसके लिए कोई तय प्रावधान नहीं हैं. समय-समय पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के फील्ड अधिकारी और आम जनता की ओर से सुझाव मिलते हैं. उसी आधार पर सड़क विशेष पर गति सीमा तय की जाती है.

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RTI के जवाब में साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी सड़क पर स्पीड लिमिट की समीक्षा करने के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं  होती है. आम जनता के सुझावों सहित कई कारकों के आधार पर दिल्ली यातायात पुलिस के फील्ड अधिकारी गति सीमाएं तय करते हैं.

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