उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के तीनों आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ में जुटी हुई है. इस दौरान पता चला है कि पुलिस की कस्टडी में शूटर सनी ने खुलासा किया है कि वह जितेंद्र गोगी गिरोह के संपर्क में था, वहीं से उसे जिगाना पिस्टल मिली थी, जिससे अतीक अहमद की हत्या को अंजाम दिया. जितेंद्र गोगी की गिनती दिल्ली के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर्स में होती थी, जिसकी 2021 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हत्या कर दी गई थी.
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में तीनों हमलावरों ने एक दिन पहले भी अतीक अहमद और अशरफ को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारी पुलिस सुरक्षा के बीच वे वारदात को अंजाम नहीं दे सके थे. उस समय अतीक और अशरफ को पुलिस रिमांड याचिका पर सुनवाई के लिए सीजेएम कोर्ट ले जाया जा रहा था. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, बुधवार को शूटर सनी से पूछताछ की गई तो उसने कहा कि उसे तुर्की की जिगाना पिस्टल गैंगस्टर जितेंद्र गोगी गैंग से मिली थी.
इन तीन शूटर्स ने कर दी थी अतीक-अशरफ की हत्या
अतीक अहमद की हत्या के आरोपी सनी हमीरपुर, अरुण उर्फ कालिया कासगंज और लवलेश तिवारी बांदा जिले का रहने वाला है. लवलेश बांदा के क्योतरा का निवासी है. उसके खिलाफ चार केस दर्ज हैं. वह लड़की को थप्पड़ मारने के आरोप में जेल जा चुका है. सनी हमीरपुर के कुरारा का रहने वाला है. वो पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281A है. उसके खिलाफ करीब 15 केस दर्ज हैं, जबकि अरुण ने जीआरपी थाने में तैनात पुलिसकर्मी की हत्या कर दी थी, इसके बाद से वो फरार था.
सितंबर 2021 में कोर्ट के अंदर कर दी गई थी जितेंद्र गोगी की हत्या
बता दें कि गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की 24 सितंबर 2021 को रोहिणी की कोर्ट नंबर 207 में मार दिया गया था. जितेंद्र को शूट करने वाले वकील की ड्रेस में कोर्ट रूम के अंदर दाखिल हुए थे, उस दौरान गैंगस्टर जितेंद्र गोगी पेशी पर पहुंचा था.
जितेंद्र की हत्या के बाद सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाने वाले दोनों शूटर्स को एनकाउंटर में मार गिराया था. बताया गया था कि जिन दो शूटरों ने जितेंद्र गोगी पर गोलियां चलाई थीं, उन्हें गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया ने एक महीने तक वकील बनने की ट्रेनिंग दिलवाई थी.
कौन था गैंगस्टर जितेंद्र गोगी?
गैंगस्टर जितेंद्र गोगी को अप्रैल 2021 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत अरेस्ट किया था. वह जेल से अपना गैंग चला रहा था. उस पर हत्या और हत्या के प्रयास के 19 मामलों के अलावा जबरन वसूली, डकैती आदि के दर्जनों मामले दर्ज थे.
जितेंद्र गोगी ने स्कूल छोड़ने के बाद प्रॉपर्टी बिजनेस शुरू किया था. इसी बीच साल 2010 में उसके पिता की मौत हो गई, जिसके बाद वह क्राइम की दुनिया में शामिल हो गया. गोगी कई मामलों में गिरफ्तार किया गया.
गैंगस्टर काला जठेड़ी के साथ मिल गया था गोगी
जितेंद्र गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी के साथ मिल गया था. उसने सितंबर 2010 में प्रवीण नाम के एक व्यक्ति पर गोली चलाई थी. दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रद्धानंद कॉलेज में चुनाव के दौरान गोगी और उसके दोस्तों ने संदीप और रविंदर नाम के दो लोगों पर हमला किया और गोली मार दी थी. इसके बाद गोगी को अक्टूबर 2011 में गिरफ्तार कर लिया गया था.
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इसके बाद उसने रंगदारी वसूली करने के लिए एक गिरोह बना लिया. गोगी जेल से ही रंगदारी, फिरौती के लिए किडनैपिंग और मर्डर जैसी वारदातें कर रहा था. फरवरी 2017 में उसने अलीपुर के देवेंद्र प्रधान की हत्या कर दी थी. उसके गिरोह ने नवंबर में एक टीचर दीपक के साथ ही एक अन्य की हत्या कर दी थी.
गोगी पर दर्ज थे हत्या, जबरन वसूली, डकैती जैसे दर्जनों केस
गोगी पर हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, डकैती सहित दर्जनभर से अधिक मामले दर्ज थे. ऐसा माना जाता है कि उसने हरियाणवी गायिका हर्षिता दहिया की हत्या उसके बहनोई के साथ एक मिलकर की थी. वह तीन बार पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका था. वह दिल्ली और हरियाणा सरकारों के लिए सिरदर्द बना रहा.
जितेंदर गोगी गैंग के चार शातिर शार्प शूटर 17 पिस्टल के साथ हुए थे गिरफ्तार
बता दें कि कुछ माह पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गैंगस्टर जितेंद्र गोगी गैंग के 4 शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया था. उनके पास से पुलिस ने एक रिवॉल्वर सहित 17 पिस्टल बरामद की थीं. ये आरोपी दिल्ली और हरियाणा में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती के कई मामलों में वांछित थे. इन पर पहले भी 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे.
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पुलिस को बीते साल16 नवंबर को सूचना मिली थी कि अमन उर्फ मनप्रीत जो जितेंद्र गोगी गैंग का शार्प शूटर है, दिल्ली के भीकाजी कामा इलाके में पहुंच रहा है. इस दौरान आरोपी अमन, अंकित गांधी, रोशन और परदेव उर्फ लाला नाम के शख्स 2 स्कूटी पर सवार होकर पहुंचे. पुलिस ने भीकाजी कामा फ्लाईओवर के नीचे रेडलाइट के पास इन सभी को धर दबोचा था. जांच के दौरान पता चला कि सभी आरोपी जितेंद्र गोगी गैंग से जुड़े थे