दिल्ली में कोरोना मामले जितनी तेजी से बढे थे उतनी ही तेजी से अब कम भी हो रहे हैं. ये राहत की खबर है और उससे भी बड़ी राहत की बात तो ये है कि दिल्ली पाबंदियों का दौर भी अब जा रहा है. पाबंदियां कम हो रही हैं. इससे पहले वीकेंड कर्फ्यू हटाया गया, बाजारों का ऑड-इवन सिस्टम खत्म किया गया. आज डीडीएमए की मीटिंग है. दिल्ली में आज स्कूल खोलने का फैसला लिया जा सकता है. उम्मीद की जा रही है 50 प्रतिशत क्षमता के साथ स्कूल खोले जायेंगे. ऐसे में बड़ा सवाल है कि 50 प्रतिशत बच्चे जो स्कूल नहीं जायेंगे उनका अटेंडेंस कैसे मार्क किया जायेगा? क्या उन्हें एब्सेंट बता दिया जायेगा व फिर प्रेजेंट?