दिल्ली नगर निगम चुनाव के नतीजे भले एकतरफा नहीं आए हों लेकिन न तो ये जीत सामान्य है और न ही ये हार मामूली है. केजरीवाल ने अब बीजेपी को भी दिल्ली एमसीडी की सियासत में पटखनी दे दी है. आम आदमी पार्टी लगातार जमीनी मुद्दे पर टिकी रही. दूसरी तरफ बीजेपी 15 साल के काम का हिसाब नहीं दे सकी.