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Who is Abbas: ये हैं वो अब्बास भाई जो बचपन में पीएम मोदी के साथ उनके घर में रहते थे

Abbas Bhai PM Modi Childhood Friend: पीएम मोदी ने अपने जिस दोस्त अब्बास का जिक्र किया था. वे इस समय ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं. पीएम ने कहा था कि मां अब्बास की भी बहुत देखभाल करती थीं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में इन अब्बास भाई का ही जिक्र किया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में इन अब्बास भाई का ही जिक्र किया था.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं पीएम मोदी के दोस्त अब्बास
  • मां के 100 वें जन्मदिन पर पीएम मोदी ने लिखा था ब्लॉग

Abbas Bhai PM Modi Childhood Friend: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के मुस्लिम दोस्त 'अब्बास' को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. पीएम मोदी ने अपनी मां हीराबेन मोदी (Heeraben Modi) के 100वें जन्मदिन पर ब्लॉग लिखकर अब्बास का जिक्र किया था. 

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उन्होंने कहा था कि बचपन में एक तरह से अब्बास हमारे घर में ही रहकर पढ़ा. हम सभी बच्चों की तरह मां अब्बास की भी बहुत देखभाल करती थीं. ईद पर मां, अब्बास के लिए उसकी पसंद के पकवान बनाती थीं.

पीएम मोदी ने अपने जिस दोस्त अब्बास का जिक्र किया था. आजतक ने उनका पता लगा लिया है. अब्बास इस समय ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में अपने छोटे बेटे के पास रहते हैं. उनके दो बेटे हैं. छोटा बेटा ऑस्ट्रेलिया तो बड़ा बेटा गुजरात के कासीम्पा गांव में रहता है. अब्बास सरकार में क्लास 2 कर्मचारी के तौर पर काम करते थे. वो फूड एंड सप्लाई विभाग में थे. कुछ महीने पहले ही वे रिटायर हुए हैं. 

पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग में अब्बास का जिक्र करते हुए कहा था कि 'मां हमेशा दूसरों को खुश देखकर खुश रहा करती हैं. घर में जगह भले कम हो, लेकिन उनका दिल बहुत बड़ा है. इसके उदाहरण के तौर पर पीएम ने बताया कि हमारे घर से थोड़ी दूर पर एक गांव था, जहां मेरे पिताजी के बहुत करीबी मुस्लिम दोस्त रहा करते थे. उनका बेटा था अब्बास.

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हादसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त अब्बास का कासीम्पा गांव में स्थित घर. यहां उनके बड़े बेटे रहते हैं.

अब्बास को घर लाए थे पिताजी- मोदी

उन्होंने आगे लिखा था कि दोस्त की असमय मृत्यु के बाद पिताजी असहाय अब्बास को हमारे घर ही ले आए थे. एक तरह से अब्बास हमारे घर में ही रहकर पढ़ा. हम सभी बच्चों की तरह मां अब्बास की भी बहुत देखभाल करती थीं. ईद पर मां, अब्बास के लिए उसकी पसंद के पकवान बनाती थीं. यही नहीं, त्योहारों के समय आसपास के कुछ बच्चे हमारे यहां ही आकर खाना खाते थे. उन्हें भी मेरी मां के हाथ का बनाया खाना बहुत पसंद था.

मां के जन्मदिन पर कहीं थी ये बातें

प्रधानमंत्री ने अपने ब्लॉग में आगे लिखा था, 'हमारे घर के आसपास जब भी कोई साधु-संत आते थे तो मां उन्हें घर बुलाकर भोजन अवश्य कराती थीं. जब वो जाने लगते, तो मां अपने लिए नहीं बल्कि हम भाई-बहनों के लिए आशीर्वाद मांगती थीं. उनसे कहती थीं 'मेरी संतानों को आशीर्वाद दीजिए कि वो दूसरों के सुख में सुख देखें और दूसरों के दुख से दुखी हों. मेरे बच्चों में भक्ति और सेवाभाव पैदा हो उन्हें ऐसा आशीर्वाद दीजिए.'

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