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अहमदाबाद: ख्याति अस्पताल स्कैम केस में 5 और आरोपी गिरफ्तार, एंजियोप्लास्टी में चली गई थी दो लोगों की जान

अहमदाबाद की ख्याति अस्पताल द्वारा 11 नवंबर को की गई 19 एंजियोग्राफी और 7 एंजियोप्लास्टी के बाद 2 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद मृतकों समेत अन्य के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचाया था. इस मामले में अस्पताल के खिलाफ 12 नवंबर के दिन मेडिकल बोर्ड ने जांच करने पर पाया था कि जरूरी नहीं होने के बावजूद आयुष्मान भारत योजना के तहत पैसों की लालच में ख्याति अस्पताल द्वारा एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की गई थी.

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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत पैसों के लिए एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी करने वालों को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने ख्याति मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के सीईओ चिराग राजपूत, सीईओ राहुल जैन, मार्केटिंग मैनेजर मिलिंद पटेल, प्रतीक भट्ट और पंकिल पटेल को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस ने पहले ही डॉक्टर प्रशांत वझीरानी को गिरफ्तार किया था. अभी भी तीन आरोपी, जिनमें अस्पताल के डायरेक्टर कार्तिक पटेल, डायरेक्टर राजश्री कोठारी और डॉक्टर संजय पटोलिया फरार हैं.

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दरअसल, अहमदाबाद की ख्याति अस्पताल द्वारा 11 नवंबर को की गई 19 एंजियोग्राफी और 7 एंजियोप्लास्टी के बाद 2 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद मृतकों समेत अन्य के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचाया था. इस मामले में अस्पताल के खिलाफ 12 नवंबर के दिन मेडिकल बोर्ड ने जांच करने पर पाया था कि जरूरी नहीं होने के बावजूद आयुष्मान भारत योजना के तहत पैसों की लालच में ख्याति अस्पताल द्वारा एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की गई थी. इसके बाद इस मामले में पहले 5 उसके बाद दूसरे 4 समेत अब तक कुल 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

शुरुआत में ख्याति अस्पताल को लेकर जांच वस्त्रापुर पुलिस कर रही थी, जिन्होंने डॉक्टर प्रशांत वझीरानी को गिरफ्तार किया था. लेकिन बाद में इस केस की जांच अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को सौंपी गई और कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया गया. क्राइम ब्रांच ने फरार 8 आरोपियों में से डॉक्टर प्रशांत के अलावा बाकी के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. क्राइम ब्रांच का कहना है कि अस्पताल के डायरेक्टर कार्तिक पटेल विदेश में हैं जबकि बाकी के दो आरोपी अस्पताल की डायरेक्टर राजश्री कोठारी और डॉक्टर संजय पटोलिया को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.

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गिरफ्तारी के लिए बनाई गई थीं 8 टीमें

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के जेसीपी शरद सिंघल ने कहा कि राहुल जैन को उदयपुर, बाकी के चार आरोपी चिराग राजपूत, मिलिंद पटेल, प्रतीक भट्ट और पंकिल पटेल को खेड़ा के फार्म हाउस में से गिरफ्तार किया है. इन सभी को गिरफ्तार करने के लिए क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम की 8 टीम बनाई गई थी. अहमदाबाद से भागकर आरोपी पहले उदयपुर गए थे उसके बाद चार आरोपी चिराग राजपूत के दोस्त प्रतीक पटेल के खेड़ा स्थित फार्म हाउस में छिपे थे. बाहर क्या चल रहा है, पुलिस किस तरह जांच कर रही है, इसकी जानकारी आरोपी लेते रहते थे. खेड़ा के फार्म हाउस में पिछले 5 दिनों से रुके थे और आसपास में किसी से ना सामरिक करते थे ना ही कहीं बाहर आते जाते थे.

जॉइंट सीपी ने बताया कि 12 नवंबर को जब सारे आरोपी फरार हुए, तब ही सबने अपने फोन में से सिमकार्ड निकाल दिया था और मैसेज डिलीट कर दिए थे. आरोपी एक दूसरे से संपर्क में रहने के लिए चाइनीज़ और रशियन ऐप का इस्तेमाल करते थे. डोंगल और वाईफाई के माध्यम से बात करते थे, ताकि पुलिस उन्हें ट्रेक ना कर सके.

70 प्रतिशत आमदनी सरकारी योजना से कर रहा था अस्पताल 

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डॉक्टर प्रशांत के बाद बाक़ी के गिरफ़्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में क्राइम ब्रांच को पता चला है कि ख्याति अस्पताल की 70 प्रतिशत आमदनी सरकारी योजना से और बाक़ी 30 प्रतिशत आमदनी जनरल ओपडी और सर्जरी से होती थी. सरकारी योजना के माध्यम से ख्याति अस्पताल ने मार्च 2023 से दिसंबर 2024 तक 11 करोड रुपये हासिल किए हैं. क्राइम ब्रांच को ख्याति अस्पताल से दो किस्म के रजिस्टर मिले हैं. एक में पक्की एंट्री और दूसरे रजिस्टर में कच्ची एंट्री की जाती थी. यह रिकॉर्ड सीईओ राहुल मेंटेन किया करता था.

ख्याति अस्पताल के सीईओ चिराग राजपूत ने सरकारी योजना के माध्यम से पैसे कमाने का षडयंत्र रचा था. चिराग ने अपने नीचे टीम रखी थी, जिसमें मार्केटिंग मैनेजर मिलिंद पटेल और मार्केटिंग असिस्टेंट के तौर पर पंकिल पटेल और प्रतीक भट्ट काम करते थे. मिलिंद पटेल, पंकिल और प्रतीक अलग अलग गांवो में मेडिकल कैम्प का आयोजन करते थे और इंडोर पेशेंट को अस्पताल तक लाने का काम करते थे. क्राइम ब्रांच ने बताया की, मिलिंद के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी की दो एफआईआर दर्ज हैं.

डॉक्टरों को भी दिया जाता था कमीशन

क्राइम ब्रांच ने अब तक की जांच में यह भी पाया है कि अहमदाबाद की ख्याति अस्पताल द्वारा आसपास की अस्पताल में से भी मरीजों को अपनी अस्पताल में लाया जाता था. जिनके ऑपरेशन सरकारी योजनाओं में नहीं हो पाते थे ऐसे केस में डॉक्टरों से संपर्क करके ख्याति अस्पताल का सीईओ चिराग मरीजों को अपने अस्पताल में लाता था. इसके लिए डॉक्टरों को भी कमीशन दिया जाता था. क्राइम ब्रांच इस दिशा में, उन डॉक्टरों के खिलाफ भी जांच करेगी. इसके अलावा यह भी हकीकत सामने आई है की, ख्याति अस्पताल द्वारा जिन गांवो में मेडिकल कैम्प होता था वहा के सरपंचों को भी कमीशन दिया जाता था.

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