अहमदाबाद के भाडज में हरे कृष्ण मंदिर एक बार फिर विवादों में है. मंदिर पर धर्म और आध्यात्मिकता के नाम पर युवाओं का ब्रेन वॉश करने का आरोप लगा है. झारखंड के रहने वाले प्रशांत सिंध के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे का ब्रेन वॉश कर उसे लोगों से दूर किया गया है. प्रशांत की बहन प्रीति ने आरोप लगाया है कि संतों के जरिए उसका भी ब्रेन वॉश करने की कोशिश की गई लेकिन वो बातों में नहीं फंसी. उसका भाई प्रशांत हालांकि संतों की बातों में आकर संसार छोड़ मंदिर में रहने चला गया है.
गौरतलब है कि हरे कृष्ण मंदिर अक्षयपात्रा के लिए जाना जाता है. यह इस्कॉन मंदिर ट्रस्ट के जरिए ही चलाया जाता है. प्रीति ने सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो लोगों तक पहुंचा कर अपने भाई को वापस लाने के लिए गुहार लगाई है. प्रशांत की उम्र 27 साल है. परिवार का कहना है कि प्रशांत के कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही मंदिर में बुलाया जाने लगा और उसका ब्रेन वॉश किया जाने लगा. प्रशांत की बहन प्रीति का आरोप है कि परिवार के लोग जब मंदिर जाते हैं, प्रशांत को अकेले में मिलने नहीं दिया जाता है. यही नहीं, उसे किसी भी त्योहार में घर नहीं आने दिया जाता.
दूसरी ओर, इस मामले में प्रशांत ने ब्रेन वॉश करने की बात को गलत ठहराया है. प्रशांत ने कहा, 'मेरे परिवार वाले खुश नहीं थे लेकिन वो मान गए थे. अब चार साल बाद एक बार फिर क्यों सवाल खड़े किए जा रहे हैं, मैं समझ नहीं पा रहा,'
गौरतलब है कि पिछले एक महीने में धर्मेश, दिशांत और अब प्रशांत के परिवार वालों ने इस्कॉन से अपने बेटे को वापस लाने के लिए गुहार लगाई है.