नेहरू बनाम पटेल की 'प्रोजेक्टेड' बहस के बीच आज बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी गुजरात के भरूच में देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति की नींव रखेंगे. यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी और इसे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' कहा जाएगा.
स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी होगी ऊंचाई
मूर्ति की नींव रखने के लिए बीजेपी ने सरदार पटेल की जयंती का दिन चुना है. प्रस्तावित मूर्ति 597 फीट यानी 182 मीटर ऊंची होगी और इसका चेहरा नर्मदा बांध की ओर होगा. यह अमेरिका की मशहूर 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' से दोगुना ऊंची होगी.
मूर्ति का निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में ही 2000 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है. चीन की 153 मीटर ऊंची 'स्प्रिंग टेंपल बुद्धा' मूर्ति इसकी नजदीकी प्रतिद्वंद्वी होगी.
पटेल की विरासत का मालिक कौन?
विज्ञापनों और अपने भाषणों में नरेंद्र मोदी इसे देश के गौरव से जोड़कर पेश करते रहे हैं.
गौरतलब है कि हाल के दिनों में सरदार पटेल की विरासत हथियाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में विवाद चल रहा है. मोदी ने हाल के दिनों में अपने भाषणों में पटेल की सराहना और नेहरू की परोक्ष रूप से आलोचना की है.
मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मौजूदगी में मोदी ने कहा था कि अगर नेहरू की जगह पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो देश बेहतर स्थिति में होता. इसका जवाब देते हुए मनमोहन सिंह ने इसी मंच से कहा था कि सरदार पटेल 'सेक्युलर कांग्रेसी' थे और नेहरू का बड़ा सम्मान करते थे.
'काश दंगों से निपटने में पटेल से सीख पाते मोदी'
कांग्रेस ने बीजेपी पर सरदार पटेल की विरासत कब्जाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था और बीजेपी ने कांग्रेस पर नेहरू-गांधी परिवार को बढ़ावा देने का. सूचना-प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने ट्विटर के जरिये पूछा था कि क्या मोदी संघ पर प्रतिबंध लगाने के पटेल के फैसले से सहमत हैं? यह बयानबाजी और आगे बढ़ गई जब मानव संसाधन विकास मंत्री शशि थरूर ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि काश मोदी सीख पाते कि पटेल ने 1947 के दंगों को कैसे हैंडल किया.
2002 का मोदी बनाम 1947 का पटेल
थरूर ने कहा था, 'दिक्कत यह है कि पटेल का 1947 और मोदी का 2002 अलग-अलग था. 2002 में उन्होंने दंगे होने दिए. लेकिन 1947 की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान पटेल हजारों मुसलमानों को लाल किला ले आए. क्या 2002 में मोदी के शासन में भी यह हुआ ? मोदी ने गांधीजी और पटेल को इस्तेमाल करने की कोशिश की. पटेल के नेहरू से बहुत सारे मतभेद थे, पर सब लोग उस बारे में जानते थे.'
मोदी ने ब्लॉग पर लिखा
इस बीच 'स्टैचू ऑफ यूनिटी' की नींव रखे जाने से पहले मोदी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, 'इस साल सरदार पटेल की जयंती ज्यादा खास होगी क्योंकि हम स्टैचू ऑफ यूनिटी की नींव रखने जा रहे हैं. भारत के लौह पुरुष के सम्मान में बनाई गई यह मूर्ति 182 मीटर की होगी और दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियों में होगी.'