केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत गुजरात के अहमदाबाद में नागरिकता प्रदान करेंगे. शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि पड़ोसी देशों से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए शरणार्थियों को मोदी सरकार सीएए के तहत नागरिकता दे रही है.
अमित शाह ने लिखा, 'अहमदाबाद में भारत आए हमारे शरणार्थी भाइयों-बहनों को CAA के तहत नागरिकता प्रदान की जाएगी. पड़ोसी देशों से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए शरणार्थी, जो दशकों से अन्याय का सामना कर रहे थे, उन्हें मोदी सरकार CAA के तहत नागरिकता दे रही है. इससे वे सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर पाएंगे.
उल्लेखनीय है सीएए के तहत नागरिकता प्रदान किए जाने का पहला उदाहरण है. यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्होंने पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से भागकर भारत में शरण ली है. अहमदाबाद जिले में गुजरात सरकार द्वारा अब तक कुल 1,167 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है. इस साल की शुरुआत में, जिला कलेक्टर के कार्यालय में एक समारोह आयोजित किया गया था, जहां 18 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे गए थे, जो पाकिस्तान से पलायन कर आए थे और अब अहमदाबाद में रह रहे हैं.
किन देशों के लोगों को मिलेगी नागरिकता?
नागरिकता संशोधन कानून के जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी धर्म से जुड़े शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगा. कानून के मुताबिक, जो लोग 31 दिसंबर 2014 से पहले आकर भारत में बस गए थे, उन्हें ही नागरिकता दी जाएगी.
ऐसे मिलेगी भारतीय नागरिकता?
इस कानून के तहत भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए indiancitizenshiponline.nic.in वेबसाइट पर जाना होगा. इसके अलावा CAA-2019 नाम की ऐप के जरिए भी अप्लाई किया जा सकता है. नागरिकता के लिए 29 दस्तावेजों की जरूरत होगी. इनमें से नौ दस्तावेजों से साबित होगा कि आप पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान के नागरिक हैं. जबकि, बाकी के 20 दस्तावेज इस बात का सबूत होंगे कि आपने किस तारीख को भारत में प्रवेश किया है.
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद फॉर्म की जांच जिला स्तर की समिति करेगी. इसके बाद ये समिति आवेदक को ईमेल/एसएमएस के माध्यम से तारीख और समय के बारे में सूचित करेगी, जिस दिन उसे मूल दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से आना होगा. यदि दस्तावेज ठीक हैं, तो नामित अधिकारी ऑनलाइन प्रमाणित करेगा कि कागजात सत्यापित हैं. जिला समिति निष्ठा की शपथ भी अपलोड करेगी और आवेदन को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सशक्त पैनल को भेजेगी. ये पैनल फिर मामले की जांच करेगा और आवेदन को मंजूरी या अस्वीकार करेगा. सबसे आखिरी में आवेदन को नागरिकता का सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा. जिन लोगों को नागरिकता दी जाएगी, उन्हें भारत में प्रवेश की तारीख से भारतीय नागरिक माना जाएगा.