गुजरात में शनिवार को मुख्यमंत्री पद से विजय रुपाणी के इस्तीफे के बाद कई बड़े नेताओं का नाम सीएम पद की रेस में शामिल था. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कोर कमेटी की बैठक के बाद विधायक दल की बैठक शुरू हुई तब तक मनसुख मंडाविया, पुरुषोत्तम रुपाला, नितिन पटेल जैसे नेताओं के नाम की चर्चा थी लेकिन अंतिम क्षणों में एक नाम सामने आया जो काफी चौंकाने वाला रहा.
बीजेपी ने भूपेंद्र पटेल को विजय रुपाणी के बाद गुजरात की जिम्मेदारी सौंप दी. भूपेंद्र पटेल के नाम का प्रस्ताव विजय रुपाणी ने रखा जिसका विधायकों ने अनुमोदन कर दिया. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री के लिए भूपेंद्र पटेल के नाम का ऐलान किया. भूपेंद्र पटेल अहमदाबाद की घटलोडिया विधानसभा सीट से विधायक हैं और संगठन पर अच्छी पकड़ रखते हैं. उन्होंने अपना पिछला चुनाव भी 1.17 लाख मतोंं से जीता था. ऐसे में अपने क्षेत्र में वे काफी लोकप्रिय नेता के तौर पर जाने जाते हैं. वहां की जनता उन्हें हमेशा 'दादा' कहकर संबोधित करती है.
भूपेंद्र पटेल अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं. इसके अलावा AMC के वे स्थायी समिति अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं. 2010 से 2015 तक उन्होंने ये जिम्मेंदारी संभाली थी. ये वो समय था जब भूपेंद्र सक्रिय राजनीति से दूर थे.
वैसे जिस घाटलोडिया विधानसभा सीट से भूपेंद्र पटेल विधायक हैं, वहां से किसी जमाने में यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल चुनाव लड़ा करती थीं. आनंदीबेन पटेल को राज्यपाल बनाए जाने के बाद घाटलोडिया सीट से भूपेंद्र पटेल को चुनाव मैदान में उतारा गया और भूपेंद्र चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचने में भी सफल रहे थे.
अहमदाबाद के शिलाज इलाके के निवासी भूपेंद्र पटेल की उम्र करीब 59 साल बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. भूपेंद्र पटेल ने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है.
आनंदीबेन के हैं करीबी
गुजरात के नए मुख्यमंत्री चुने गए भूपेंद्र पटेल की गिनती उन नेताओं में होती है जो आनंदीबेन पटेल के करीबी हैं. बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ता रहे भूपेंद्र पटेल अमित शाह के करीबी नेताओं में भी गिने जाते हैं. भूपेंद्र पटेल पाटीदार समुदाय से आते हैं. ऐसा कहा जाता है कि उनकी इस समुदाय पर अच्छी पकड़ है. वे खुद इस समुदाय के विकास के लिए कई काम करते रहते हैं. उन्होंने खुद को 'Sardardham Vishwa Patidar Kendra' से जोड़ रखा है. वे यहां पर बतौर एक ट्रस्टी हैं. ऐसे में जब पाटीदार बीजेपी से नाराज बताए जा रहे हैं, तो भूपेंद्र पटेल पर पार्टी को चुनाव में विजयश्री दिलाकर फिर से सत्ता में लाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी.