गुजरात दंगों से जुड़े सालों पुराने बिलकिस बानो केस पर इन दिनों राजनीति हो रही है. सरकार की माफी नीति की वजह से उम्रकैद की सजा काट रहे 11 कैदी अब रिहा हो चुके है. लेकिन इनकी रिहाई के बाद से ही गुजरात की राजनीति गरमाई हुई है. गुजरात विधानसभा चुनाव को अब महज 4 महीने का वक्त बचा है. ऐसे में गुजरात की बीजेपी सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वह दोषियों को दी गई माफी का इस्तेमाल हिंदू वोटबैंक को लुभाने के लिए करेगी.
गुजरात को बीजेपी की हिन्दुत्व की प्रयोगशाला माना जाता है. बीजेपी गुजरात में हिन्दुत्व के प्रयोग और राजनेतिक प्रयोग करती रहती हैं. अब कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी विधानसभा चुनाव में फिर हिन्दुत्व कार्ड खेलेगी.
अशोक गहलोत ने बीजेपी को घेरा
आज गुजरात पहुंचे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार संविधान की धज्जियां उड़ा रही है. देश में लोकतंत्र खतरे में है. इसी सोच का परिणाम है कि महिला के साथ इतना बड़ा जुर्म करने वाले लोगों को सरकार ने माफी नीति के तहत छोड़ दिया है.
कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवानी ने इस मामले में ट्वीट करते हुए कहा की गुजरात में 2002 में 23 वर्षीय गर्भवती बिलकिस बानो से हुए गैंग रेप के मामले में अदालत ने 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. लेकिन इन बलात्कारियों से भाजपा को इतनी मोहब्बत हो गई कि हाल ही में गुजरात सरकार ने सभी आरोपियों को रिहा करने का फैसला किया है. वाह रे गुजरात मॉडल.
गुजरात में राजनीति के जानकार मानते हैं कि चुनाव से पहले इस तरह के कदम से बीजेपी हिन्दुत्व के वोट को खुद की और आकर्षित करना चाहती है. यहां तक कि जेल से रिहा हुए दोषी राधे श्याम शाह ने कहा कि उस वक्त की केंद्र की सरकार ने उनको झूठे आरोपों में फंसाया था.