गुजरात के गांधीनगर में BZ Financial Services और BZ Group ने बैंकों से अधिक ब्याज का वादा कर करीब 2000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है. इस मामले में CID क्राइम ने कार्रवाई करते हुए गांधीनगर, अरावली, साबरकांठा, महेसाणा और वडोदरा में रेड की. इस दौरान एक एजेंट समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कंपनी का CEO भूपेंद्र सिंह झाला फरार है. झाला पर LOC (लुकआउट सर्कुलर) जारी किया गया है.
CID के मुताबिक, कंपनी लोगों को 3% से 30% तक का ब्याज देने का वादा करती थी और 5 लाख रुपये निवेश करने पर गिफ्ट में टीवी या मोबाइल, जबकि 10 लाख रुपये पर गोवा ट्रिप का लालच देती थी. प्रारंभिक जांच में दो बैंक अकाउंट्स में 175 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन मिले हैं.
2000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का भंडाफोड़
CID के एडीजीपी राजकुमार पांडियन ने बताया कि कंपनी के एजेंट मुख्य रूप से निवृत्त कर्मचारियों और शिक्षकों को निशाना बनाते थे. शुरुआत में निवेश पर अच्छा रिटर्न देकर लोगों का विश्वास जीता जाता था और फिर बड़ी रकम हड़प ली जाती थी. एजेंटों को 5% से 25% तक कमीशन दिया जाता था.
CID ने इस मामले में गांधीनगर से लेकर वडोदरा तक सात स्थानों पर छापेमारी की. इस दौरान 17 लाख रुपये नकद, 338 फॉर्म, सर्टिफिकेट, एग्रीमेंट, चेकबुक, लैपटॉप और मोबाइल बरामद किए गए. डीवायएसपी अश्विन पटेल ने कहा कि कंपनी कैश और चेक दोनों विकल्पों से निवेश लेती थी.
कंपनी का CEO भूपेंद्र सिंह झाला फरार
मुख्य आरोपी भूपेंद्र झाला का मुख्य कार्यालय साबरकांठा के तलोद में है. अन्य जिलों में उसके किराए के ऑफिस भी हैं. CID ने लोगों से अपील की है कि जो भी इस धोखाधड़ी का शिकार हुआ है, वह शिकायत दर्ज कराए.