वर्तमान समय में बढ़ते साइबर क्राइम को रोकने और साइबर अपराधों की जांच करने के लिए राजकोट शहर पुलिस द्वारा गुजरात की पहली साइबर सेंटिनल्स लैब तैयार की गई है. यह लैब साइबर अपराधों की जांच के लिए नवीनतम तकनीक और आधुनिक सॉफ्टवेयर्स का उपयोग के साथ कार्य करेगी.
इस लैब के लिए राजकोट शहर पुलिस द्वारा लोक भागीदारी से राजकोट साइबर सिक्योरिटी ट्रस्ट नाम से एक ट्रस्ट बनाया गया है. जिसमें कुल 12 ट्रस्टियों की नियुक्ति की गई है. इन ट्रस्टियों में राजकोट शहर पुलिस कमिश्नर , राजकोट शहर के जॉइंट पुलिस कमिश्नर, डीसीपी क्राइम, एसीपी साइबर क्राइम और 8 उद्योगपतियों को शामिल किया गया है. इन ट्रस्टियों से कुल 4 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपये का डोनेशन मिला है, जिससे साइबर सेंटिनल्स लैब का निर्माण किया गया है.
जिससे आधुनिक से आधुनिक टेक्नोलॉजी उपयोग करके साइबर क्राइम को डिटेक्ट किया जा सके और साइबर अपराधियों को पकड़ा जा सके. राजकोट साइबर क्राइम के द्वारा 4.26 करोड़ के खर्च से तैयार किए गए इस आधुनिक साइबर सेंटिनल्स लैब में 1.25 करोड़ की क़ीमत के 8 आधुनिक सॉफ्टवेयर्स ख़रीदे गए हैं. जिसमे मोबाइल फोरेंसिक हार्ड डिस्क में से डेटा रिकवर करना, इसके अलावा ख़ास सॉफ्टवेर की मदद से DVR, NVR या लैपटॉप समेत कोई भी उपकरण में से डेटा रिकवर कर सकते हैं. इसके अलावा इस लैब में ऐसे भी सॉफ्टवेर हैं जिसमे कोई फोटो या वीडियो में किसी व्यक्ति का चहेरा मॉर्फ है या ओरिजिनल वो भी पता लगाया जा सकता है.
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इस लैब में रिवर्स इंजीनियरिंग का भी अतिआधुनिक तरह से उपयोग करके अपराधी तक पहुंचने में काफ़ी मदद मिलती है. जिससे कोई भी चीज़ किस डिवाइस से क्रिएट की गई है या सबसे पहले किस डिवाइस से भेजी गई है वहां तक भी पहुंचने में मदद मिलती है. यह सॉफ्टवेयर्स सभी प्रकार के साइबर क्राइम में किसी ना किसी तरह से उपयोग में आते हैं. पिछले कुछ समय से डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं भी बहुत बढ़ी हैं. जिसको रोकने और डिटेक्ट करने में भी यह लैब बहुत कारगर साबित होने वाला है.
राजकोट साइबर क्राइम एसीपी चिंतन पटेल ने बताया कि साइबर सेंटिनल्स लैब में एक आधुनिक फोरेंसिक किट भी शामिल की गई है. इसका उपयोग तत्काल फाइल बनाने के लिए किया जाता है. जैसे कि किसी भी स्थान पर कॉल सेंटर की जांच के लिए, पेनड्राइव या हार्डडिस्क से पंचनामा इमेज फाइल बनाई जा सकती है और तुरंत फाइल तैयार की जा सकती है. इस किट में राइट प्रोटेक्टर भी होता है, जिसका उपयोग साइबर सेंटिनल्स लैब द्वारा किया जाता है.
साइबर सेंटिनल्स लैब में एक पीआई, 3 PSI, 10 पुलिसकर्मी समेत 14 लोगों के पुलिस स्टाफ को कार्यरत किया है. इसके अलावा 3 साइबर एक्स्पर्ट्स की भर्ती कोंट्रास्ट बेस पर की है. जिनमे से एक दिल्ली साइबर क्राइम सेल, एक गांधीनगर CID क्राइम और एक राजकोट साइबर क्राइम में काम कर चुके है. इस लैब के अंदर कुल 14 जितनी हाई टेक कंप्यूटर सिस्टम्स पर काम किया जाता है. इस लैब में एक ख़ास स्मार्ट रेक सर्वर रूम भी तैयार किया गया है. जिससे किसी भी सिस्टम में वायरस ना आए और इसे हैक ना किया जा सके.
(इनपुट- रौनक योगेशकुमार मजीठिया)