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9 साल बाद गुजरात लौटे वंजारा, बोले- ये कानूनी जीत

सोहराबुद्दीन और इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में प्रमुख आरोपी पूर्व DIG डीजी वंजारा करीब 9 साल बाद गुजरात पहुंचे तो उनका ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत हुआ. वंजारा ने अपनी रिहाई को गुजरात पुलिस की जीत बताया है. एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया.

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डी. जी. वंजारा, पूर्व DIG
डी. जी. वंजारा, पूर्व DIG

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सोहराबुद्दीन और इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में प्रमुख आरोपी पूर्व DIG डीजी वंजारा करीब 9 साल बाद गुजरात पहुंचे तो उनका ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत हुआ. वंजारा ने अपनी रिहाई को गुजरात पुलिस की जीत बताया है. एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया.

न्यायतंत्र पर विश्वास है: वंजारा
इस दौरान उन्होंने कहा कि अच्छा लग रहा है कि में 9 साल बाद गुजरात में वापस आया हूं, पूरा स्टेट मेरा घर है. ट्रायल चलना बाकी है, कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ती रहेगी. हम शुक्रगुजार हैं कि देश में न्यायतंत्र हैं, हम तो राजनैतिक षड्यंत्र का शिकार बने थे. इसलिए इतने लंबे वक्त तक जेल में रहना पड़ा. कानूनी व्यवस्था कि वजह से हम बाहर आए हैं. ये कानूनी जीत है.

कानून के दायरे में काम करता हूं: वंजारा
उन्होंने कहा कि ये एनकाउंटर गुजरात तक सीमित नहीं था, ये सेन्ट्रल आईबी के इनपुट के आधार पर हुआ. गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि पर बोलते हुए वंजारा ने कहा कि मणि के साथ क्या हुआ, वो तो मणि ही जानते हैं. मेरी बात जहां तक हैं मैं कानून के दायरे में रह कर काम करता हूं. मैं आरोपी था उस वक्त और मुझे पकड़कर ले गए थे, मेरे साथ कोई भी अधिकारी कानून के बहार रहकर काम कर दे, डी.जी. वंजारा बर्दाश्त नहीं करता है. मणि ने खुलासा किया था कि इशरत और उसके साथियों को आतंकी ना बताने का उन पर दबाव डाला गया था. साथ ही उन्हें झूठे सबूत गढ़ने के लिए एसआईटी चीफ सतीश वर्मा ने सिगरेट से दागा था.

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राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस लेकर आप उम्मीद कर सकते हैं.

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