गुजरात की सूरत पुलिस ने 6 ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है. साथ ही इनके पास से करोड़ों रुपये की ड्रग्स को भी बरामद किया गया. पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की और करीब एक करोड़ रुपये की ड्रग्स को जब्त कर लिया. छापेमारी के दौरान सभी ड्रग्स पेडलर भागने में सफल रहे. लेकिन सूरत पुलिस की एसओजी टीम ने सूरत से यूपी और मुंबई तक करीब 1800 किलोमीटर का सफर तय किया. कई जगह पर भेष बदला और कड़ी मश्क्कत के बाद 6 तस्करों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हालिस की.
बता दें, सूरत पुलिस पिछले लंबे समय से नो ड्रग्स सिटी के नाम से अभियान चला रही है. इसके तहत पुलिस अब तक कई ड्रग्स तस्करों को पड़कर जेल भेज चुकी है. इसी कड़ी में सूरत पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने एक सप्ताह पहले शहर के लालगेट थाना क्षेत्र अंतर्गत मुखबिर से मिली जानकारी पर छापेमारी की थी. जिसमें एक करोड़ की ड्रग्स तो पुलिस ने बरामद कर ली थी लेकिन ड्रग्स की सप्लाई करने पेडलर भागने में सफल रहे. इन्हें पकड़ने के लिए सूरत पुलिस की एसओजी टीम ने सूरत से यूपी और मुंबई तक करीब 1800 किलोमीटर का सफर तय किया और 6 तस्करों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की.
पुलिस ने कड़ी महनत के बाद 6 तस्करों को पकड़ा
पुलिस ने पहले मुंबई से सूरत ड्रग्स सप्लाई करने वाले आसिफ उर्फ बाबा अहमद खान को मुंबई से गिरफ्तार किया. इसके बाद इमरान इम्तियाज खान टैक्सी ड्राइवर को पकड़ा. इनकी निशानदेही पर मुंबई ड्रग्स लेने जाने वाले फैयाज अली, सैयद अली, मोहम्मद शाहिद जमाल, इकबाल खान को गिरफ्तार किया. छठा आरोपी मोहम्मद उस्मान मलिक सूरत में लाइट फिटिंग का काम करता है और चोरी छुपे ड्रग्स बेचने का भी काम करता है उसे भी गिरफ्तार किया. मुख्य आरोपी मोहम्मद काशिफ इकबाल उर्फ पसीना जिसे सूरत पुलिस की टीम ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से गिरफ्तार किया है.
पुलिस वेशभूषा बदलकर तस्करों के पीछे पड़ी रही
पुलिस से बचने के लिए मोहम्मद काशिफ इकबाल ने बाल दाढ़ी छोटी करवा दी थी और बाराबंकी में स्थित देवा शरीफ दरगाह के पास छुप गया था. पुलिस ने दरगाह में सो रहे 400 लोगों के बीच उसे पहचाना और उसे गिरफ्तार कर लिया. मोहम्मद काशिफ इकबाल को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने मुस्लिम वेशभूषा पहनी थी.