तुर्की में भूकंप के जोरदार झटकों के बाद शनिवार को गुजरात के सूरत में भी धरती हिली. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई है. भूकंप की वजह से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है.
एजेंसी के मुताबिक भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान (ISR) के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 3.8 दर्ज की गई है. वहीं, जिला आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी ने कहा कि भूकंप 5.2 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया था. इसका केंद्र अरब सागर में था. भूकंप से किसी तरह की प्रॉपर्टी या फिर जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है.
गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (GSDMA) के अनुसार राज्य में भूकंप का खतरा बहुत ज्यादा है. लिहाजा गुजरात हाई रिस्क जोन में हैं. यहां साल 1819, 1845, 1847, 1848, 1864, 1903, 1938, 1956 और साल 2001 में भूकंप के काफी जबर्दस्त झटके लगे हैं.
वहीं, साल 2001 में गुजरात के कच्छ में आया भूकंप पिछली दो शताब्दियों में भारत में तीसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप था, जिसमें 13,800 से अधिक लोग मारे गए थे और 1.67 लाख घायल हुए थे.
तुर्की में पिछले सोमवार को आए विनाशकारी भूकंप से 24 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. इतने पर भी अभी मृतकों की संख्या में लगाम नहीं लगा है. रेस्क्यू ऑपरेशन के आगे बढ़ने के साथ-साथ मरने वालों की तादाद में भी इजाफा होता जा रहा है. कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि भूकंप के कारण जान गंवाने वालों की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है. इस वक्त हजारों लोग भूकंप प्रभावित इलाकों में अस्पताल में भर्ती हैं. अब भी कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है. बता दें कि तुर्की में 6 फरवरी की सुबह भूकंप आया था, यानी इसे अब तक 5 दिन बीत चुके हैं.
ये भी देखें