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Ahmedabad: गृह मंत्रालय के फर्जी लेटर का इस्तेमाल कर लाखों की ठगी, ऐसे पकड़ा गया नकली IAS

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले मेहुल शाह को गिरफ्तार किया है. मेहुल शाह ने नकली सरकारी पहचानपत्र और फर्जी लेटर का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दिया. पुलिस ने उसके पास से नकली दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किए हैं.

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नकली IAS ऑफिसर गिरफ्तार
नकली IAS ऑफिसर गिरफ्तार

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली आईएएस अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले मेहुल शाह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. मेहुल शाह अहमदाबाद के पालड़ी इलाके में रहता है और ट्रैवेल्स का कारोबार करता है. बताया जा रहा है कि वो अपनी पहचान गुजरात सरकार के राजस्व विभाग के डायरेक्टर के रूप में बताकर, गांधीनगर गृह मंत्रालय के फर्जी लेटर का इस्तेमाल कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करता था.

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शिकायतकर्ता राजेंद्र शाह द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, मेहुल शाह ने उसके बेटे को सरकारी स्कूल में नौकरी दिलाने के लिए अहमदाबाद जिला शिक्षा अधिकारी का नकली लेटर जारी किया था. इसके अलावा, उसने एक व्यक्ति को असारवा विश्वविद्यालय में पेंटिंग का ठेका देकर 7 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया. इसके बाद आरोपी के खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. 

क्राइम ब्रांच ने नकली आईएएस अधिकारी को पकड़ा

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मेहुल शाह नकली आईएएस अधिकारी बनकर इनोवा कार में घूमता था, जिसमें सायरन लगा हुआ था. इस सायरन के लिए उसने गृह मंत्रालय और अन्य सरकारी विभागों के फर्जी लेटर का इस्तेमाल किया. वह खुद को राजस्व विभाग का निदेशक और IAS अधिकारी बताता था.

पुलिस ने मेहुल शाह के पास से दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, ₹1,00,000 नकद, फर्जी आधारकार्ड, नकली सरकारी पहचानपत्र और कई फर्जी सरकारी पत्र बरामद किए हैं. इन दस्तावेजों में राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री आवास योजना के नाम से बनाए गए फर्जी लेटर शामिल हैं.

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आरोपी के पास नकली सरकारी पहचानपत्र और कई फर्जी सरकारी पत्र मिले

आरोपी मेहुल शाह अहमदाबाद क्रइाम ब्रांच के अनुसार आरोपी ने खुद को डिपॉर्टमेंट ऑफ साइंस एंड रिसर्च डेवलपमेंट का चेयरमैन घोषित कर रखा था. इसी विभाग का चेयरमैन बताते हुए लेटरपैड बनवाया था. जिसे जब्त किया गया है. 

क्राइम ब्रांच ने बताया कि मेहुल शाह ने दो कारें और बसें रेंट पर लीं और उनके पैसे नहीं चुकाए. फिलहाल, पुलिस यह जांच कर रही है कि उसने कितने लोगों को ठगा और क्या इस मामले में कोई और शामिल हैं. गुजरात में इससे पहले फेक पीएमओ अधिकारी के साथ फर्जी पुलिस अधिकारी भी पकड़े जा चुके हैं.

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