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माता-पिता ने लिया ब्रेनडेड 6 दिन की बच्ची के अंगदान का फैसला, लीवर, दोनों किडनी और दोनों आंखें से 4 लोगों को मिला नया जीवन

ब्रेनडेड 6 दिन की बच्ची के अंगदान से प्राप्त हुईं लीवर नानावटी अस्पताल मुंबई, दोनों किडनी आईकेडीआरसी अहमदाबाद और दोनों आंखें लोकदृष्टि चक्षुबैंक अस्पताल को में भेजा गया, जिससे 4 लोगों को नई जिंदगी मिल गई. वहीं, पूरे देश में सबसे कम उम्र की बच्ची के अंगदान का यह तीसरा ही मामला माना जा रहा है.

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प्रतीकात्मक फोटो.
प्रतीकात्मक फोटो.

गुजरात के सूरत में एक परिवार ने 6 दिन की बच्ची का ब्रेन डेड होने के बाद अंगदान का फैसला किया, जिससे 4 लोगों को नई जिंदगी मिली. बच्ची का लिवर, दोनों किडनी और दोनों आंखें दान की गईं. वहीं, पूरे देश में सबसे कम उम्र की बच्ची के अंगदान का यह तीसरा ही मामला माना जा रहा है.

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दरअसल, सूरत के रहने वाले मयूरभाई प्लंबिंग का काम करते हैं और उनकी पत्नी ने 23 सितंबर को एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया. इसके बाद उसे सूरत डायमंड एसोसिएशन द्वारा संचालित अस्पताल के एनआईसीयू में रखा गया, जहां 27 सितंबर को डॉक्टरों ने बच्ची को ब्रेन डेड घोषित कर दिया. इससे पूरे परिवार की खुशियां गम में बदल गईं.

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लीवर, दोनों किडनी और दोनों आंखें कर दी गईं दान

मगर, अस्पताल ने स्थानीय जीवनदीप ऑर्गन डोनेशन फाउंडेशन से संपर्क किया और उन्होंने परिवार को अंगदान के लिए राजी किया. इसके बाद परिवार अंगदान के लिए राजी हो गया. फिर बच्ची के 5 अंगों में से लीवर, दोनों किडनी और दोनों आंखें दान कर दी गईं, जिससे 4 लोगों को नई जिंदगी मिल गई. 

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रेलवे और पुलिस विभाग के सहयोग से प्रक्रिया पूरी

बच्ची के परिवार की मंजूरी के बाद गुजरात सरकार से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की गई. जिसमें लीवर नानावटी अस्पताल मुंबई, दोनों किडनी आईकेडीआरसी अहमदाबाद और दोनों आंखें लोकदृष्टि चक्षुबैंक को आवंटित की गईं. सभी अंगों को तय समय सीमा में पहुंचाने के लिए सूरत रेलवे स्टेशन तक ग्रीन कॉरिडोर और सूरत से अहमदाबाद तक ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की गई. रेलवे और पुलिस विभाग के सहयोग से यह प्रक्रिया पूरी की गई.

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